उदयपुर एयरपोर्ट पर विंटर शेड्यूल लागू: अब 6 प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें, 6 नवंबर से स्पाइसजेट की दो नई फ्लाइटें शुरू

उदयपुर, 26 अक्टूबर (Udaipur Kiran). महाराणा प्रताप एयरपोर्ट, उदयपुर पर sunday से विंटर शेड्यूल लागू हो गया है, जो 28 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा. इस नए शेड्यूल के तहत उदयपुर से देश के छह प्रमुख शहरों — दिल्ली, मुंबई, जयपुर, बेंगलुरु, हैदराबाद और इंदौर — के लिए नियमित फ्लाइटें संचालित होंगी.

Maharana Pratap Airport

स्पाइसजेट एयरलाइंस 6 नवंबर से उदयपुर से दो नई फ्लाइट सेवाएं शुरू करने जा रही है. पिछले एक साल से स्पाइसजेट का संचालन उदयपुर एयरपोर्ट से बंद था, लेकिन अब एयरलाइन की वापसी पर्यटन सीजन के लिए राहत भरी खबर है. कंपनी ने दिल्ली (DEL) और मुंबई (BOM) के लिए दैनिक नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स शुरू करने की घोषणा की है, जो नवंबर से मार्च 2026 तक चलेंगी. यह कदम शहर में दिवाली से फरवरी तक बढ़ने वाले टूरिस्ट ट्रैफिक को देखते हुए उठाया गया है.

दिल्ली के लिए सर्वाधिक 9 फ्लाइटें, अहमदाबाद-भोपाल की उड़ानें बंद
विंटर शेड्यूल में मुंबई के बाद दिल्ली के लिए सबसे ज्यादा 9 फ्लाइटें तय की गई हैं. हालांकि, इस बार अहमदाबाद और भोपाल के लिए उड़ानें शामिल नहीं की गई हैं. अहमदाबाद उदयपुर का निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होने के कारण इस फ्लाइट का बंद होना यात्रियों के लिए निराशाजनक है.

जयपुर, बेंगलुरु, हैदराबाद और इंदौर के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी
जयपुर के लिए अब सुबह और शाम की दो फ्लाइटों के साथ sunday को एक अतिरिक्त उड़ान भी संचालित होगी. बेंगलुरु के लिए पहली बार सुबह और शाम की दो फ्लाइटें शुरू की गई हैं. हैदराबाद के लिए रोजाना एक फ्लाइट चलेगी, जबकि इंदौर के लिए सप्ताह में चार उड़ानें उपलब्ध रहेंगी.

स्पाइसजेट की वापसी से पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
2024 में वित्तीय चुनौतियों के कारण स्पाइसजेट ने कई रूट्स पर संचालन बंद किया था, जिससे उदयपुर जैसे पर्यटन केंद्रों पर असर पड़ा. लेकिन 2025 में कंपनी ने नए बोइंग 737 और एयरबस A340 विमानों को जोड़कर अपने फ्लीट और रूट नेटवर्क का विस्तार शुरू किया है.

पुणे की फ्लाइट एक बार फिर टली
इस बार भी पुणे के लिए प्रस्तावित डायरेक्ट फ्लाइट शुरू नहीं हो पाई. इंडिगो एयरलाइंस को आवंटित यह सेक्टर 26 अक्टूबर से शुरू होना था, लेकिन अंतिम समय में इसे रद्द कर दिया गया. उदयपुर संभाग के हजारों लोग पुणे में नौकरी, व्यापार और शिक्षा से जुड़े हैं, इसलिए सीधी उड़ान की मांग लंबे समय से उठ रही है. फिलहाल यात्रियों को इस सुविधा के लिए और इंतजार करना होगा.