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Friday, 16 October 2026
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गीतांजली और अनंता मेडिकल कॉलेज ने MBBS छात्रों से वसूली ज्यादा फीस, अब ब्याज सहित लौटानी होगी रकम

उदयपुर, 28 अक्टूबर (Udaipur Kiran). Rajasthan में MBBS एडमिशन प्रक्रिया के बीच निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा ट्यूशन फीस में अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है. राज्य सरकार द्वारा तय फीस संरचना के बावजूद कई कॉलेजों ने छात्रों से ज्यादा फीस वसूल ली. अब सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए इन कॉलेजों को अतिरिक्त वसूली गई राशि 12% ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं.

Geetanjali Medical College

सरकार ने तय की थी MBBS फीस, फिर भी बढ़ा दी राशि : राज्य सरकार की समिति ने MBBS कोर्स के लिए 18.90 लाख रुपये प्रतिवर्ष की दर से ट्यूशन फीस निर्धारित की थी. इसके बावजूद प्रदेश के 8 निजी मेडिकल कॉलेजों ने अपने स्तर पर फीस बढ़ाकर छात्रों से वसूली की. इनमें उदयपुर के गीतांजली मेडिकल कॉलेज और अनंता मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं.

ज्यादा फीस वसूलने वाले कॉलेजों की सूची:

• अमेरिकन इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, उदयपुर – ₹32 लाख
• गीतांजली मेडिकल कॉलेज, जयपुर – ₹30 लाख
• अनंता मेडिकल कॉलेज, राजसमंद – ₹28 लाख
• व्यास मेडिकल कॉलेज, जोधपुर – ₹30 लाख
• सुधा मेडिकल कॉलेज, कोटा – ₹28.20 लाख
• JIET मेडिकल कॉलेज, जोधपुर – ₹28.20 लाख
• बलवीर सिंह तोमर मेडिकल कॉलेज, जयपुर – ₹32.50 लाख
• आर्या मेडिकल कॉलेज, जयपुर – ₹30 लाख

काउंसलिंग के दौरान खुला मामला : नीट यूजी की दो राउंड की काउंसलिंग पूरी होने के बाद जब तीसरे राउंड की प्रक्रिया शुरू की गई, तो बोर्ड को इस अनियमितता की जानकारी मिली. जांच में पाया गया कि इन कॉलेजों ने निर्धारित सीमा से अधिक ट्यूशन फीस ली है. इसके बाद तीसरे राउंड की काउंसलिंग तत्काल रोक दी गई और कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई.

सरकारी बैठक में तय हुआ सख्त रुख : जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में हुई बैठक में मेडिकल एजुकेशन सचिव अंबरीश कुमार और काउंसलिंग बोर्ड के सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार की समिति ने ट्यूशन फीस तय कर दी है, तो कोई भी निजी कॉलेज (जो प्राइवेट यूनिवर्सिटी के अधीन नहीं है) उससे अलग फीस निर्धारित नहीं कर सकता. अब सरकार ने सभी 8 कॉलेजों को निर्देश दिया है कि वे वसूली गई अतिरिक्त फीस को छात्रों को 12% ब्याज सहित वापस करें, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितता पर अंकुश लगाया जा सके.