
New Delhi, 9 जून: Maharashtra संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) से जुड़े नरेश बलियान मामले में कथित गैंगस्टर कपिल सांगवान, जिसे नंदू के नाम से भी जाना जाता है, के खिलाफ दूसरा गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वह आरोपी को 9 जुलाई तक कोर्ट के सामने पेश करे.
सुनवाई के दौरान, कोर्ट को बताया गया कि नंदू न्यायिक प्रक्रिया से बच रहा है और MCOCA मामले में चल रहे ट्रायल में भाग नहीं ले रहा है. इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दूसरा गैर-जमानती वारंट जारी किया.
जांच एजेंसियों के अनुसार, नंदू पर आरोप है कि वह विदेश से एक संगठित आपराधिक गिरोह का संचालन कर रहा है. पुलिस का दावा है कि वह विभिन्न आपराधिक गतिविधियों को विदेश से नियंत्रित कर रहा है, और उसके नेटवर्क की जांच चल रही है. इसी कारण उसके खिलाफ MCOCA के तहत कार्रवाई की गई है.
कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा है ताकि आरोपी की गिरफ्तारी और पेशी सुनिश्चित की जा सके. पुलिस अब नंदू के ठिकाने और गतिविधियों से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है. यदि वह निर्धारित तिथि तक कोर्ट में पेश नहीं होता है, तो उसके खिलाफ और भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
नरेश बलियान का नाम भी इस मामले में जांच के दायरे में है. हालांकि, प्रक्रिया अभी प्रारंभिक कानूनी चरण में है, और कोर्ट चार्ज फ्रेमिंग की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि चार्ज फ्रेमिंग से संबंधित सुनवाई 20 जुलाई से शुरू होगी.
वर्तमान में, कोर्ट के आदेश के अनुसार, दिल्ली पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह कपिल सांगवान, उर्फ नंदू, को कोर्ट के सामने पेश करे. अब सभी की नजरें 20 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर हैं.