भवानीमंडी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, Axis बैंक का पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार

जयपुर, 8 अक्टूबर (Udaipur Kiran). साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत भवानीमंडी थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह फर्मों के बैंक खाते खरीदकर करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी में लिप्त था. पुलिस ने इस गिरोह के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक्सिस बैंक का पूर्व कर्मचारी कन्हैयालाल बागरी भी शामिल है.

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झालावाड़ एसपी अमित कुमार ने बताया कि आरोपी लाखों रुपये में फर्मों के करंट खाते खरीदते थे और इन खातों का उपयोग ठगी से प्राप्त धन को ट्रांसफर करने के लिए करते थे. जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों की फर्मों मेवाड़ा किराना एंड जनरल स्टोर और राधाकृष्णा ट्रेडिंग कंपनी के खातों पर देशभर में दर्ज 308 साइबर फ्रॉड शिकायतों के कारण होल्ड लगाया गया है. पुलिस ने आरोपी दिनेश माली से उसकी फर्म की चेक बुक और एटीएम कार्ड भी जब्त किए हैं.

साइबर नोडल थाना भवानीमंडी के कांस्टेबल तेजेंद्र सिंह को सूचना मिली थी कि आरोपी दिनेश माली और धीरेंद्र स्वयं के बैंक खातों को म्यूल बैंक खातों के रूप में उपयोग कर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी कर रहे हैं. प्राप्त सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर गठित टीम ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  • दिनेश पुत्र मदनलाल माली (22) निवासी गणेश बाग, पचपहाड़, थाना भवानीमंडी

  • कन्हैयालाल बागरी पुत्र पन्नालाल (38) निवासी भवानीमंडी, हाल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, झालावाड़

  • निखिल नामा पुत्र विष्णु (20) निवासी श्रीराम कॉलोनी, रामगंजमंडी, कोटा ग्रामीण

  • राजेश नागर पुत्र लक्ष्मी चंद (30) निवासी पचोर, जिला रामगढ़ (Madhya Pradesh)

यह कार्रवाई एसपी अमित कुमार, अतिरिक्त Superintendent of Police चिरंजी लाल मीणा और वृताधिकारी प्रेमकुमार के निर्देशन में की गई. थानाधिकारी रमेशचंद मीणा के नेतृत्व में गठित टीम में एएसआई लटूर लाल, कांस्टेबल तेजेन्द्र सिंह, विकास, रवि दुबे, चूरामन और हरिराम सैनी शामिल थे.

एसपी अमित कुमार ने बताया कि साइबर अपराध में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों की पहचान और ऐसे खाताधारकों पर कानूनी कार्रवाई के लिए थाना स्तर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है. भवानीमंडी पुलिस की यह सफलता साइबर फ्रॉड नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है.