झालावाड़: एसआरजी अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर भर्ती के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, गिरोह धराया

• प्लेसमेंट एजेंसी संचालक और उसका साथी ₹2 लाख तक लेकर थमाते थे Fake Joining Letter, लग्जरी कार सहित कई दस्तावेज जब्त

नर्सिंग ऑफिसर भर्ती

जयपुर, 15 नवंबर (Udaipur Kiran). झालावाड़ स्थित एसआरजी अस्पताल में संविदा पर नर्सिंग ऑफिसर की नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे बड़े धोखाधड़ी रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. Superintendent of Police अमित कुमार के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. यह गिरोह बेरोजगार युवाओं से प्रति व्यक्ति ₹50,000 से ₹2 लाख तक की भारी रकम ऐंठ रहा था.

एसपी कुमार ने बताया कि 12 नवंबर को कोतवाली थाने में लोकेश मीणा निवासी बारां ने शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप था कि दो व्यक्तियों ने उसे और उसके तीन साथियों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी का झांसा देकर कुल ₹8 लाख हड़प लिए. पुलिस ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी सद्दाम हुसैन उर्फ सन्नी पठान को लग्जरी कार सहित डिटेन किया. साथ ही एसआरजीएच में रक्षक प्लेसमेंट एजेंसी संचालक राजेश मिश्रा को भी गिरफ्तार किया गया. दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ है.

धोखाधड़ी का तरीका
पुलिस अनुसंधान में खुलासा हुआ कि प्लेसमेंट एजेंसी संचालक राजेश मिश्रा बेरोजगार युवाओं के मोबाइल नंबर सद्दाम पठान को उपलब्ध कराता था. सद्दाम उनसे एडवांस राशि और दस्तावेज लेकर विश्वास में लेता था. इसके बाद मिश्रा के निर्देश पर सद्दाम फर्जी सील और हस्ताक्षर का उपयोग कर कूट रचित Appointment Letter तैयार करता था. भरोसा दिलाने के लिए पीड़ितों के नाम Fake Attendance Register में दर्ज किए जाते थे, हाजिरी की तस्वीरें भेजी जाती थीं और एडवांस में एक माह का वेतन भी बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था.

पुलिस ने आरोपी सद्दाम पठान के कब्जे से कई अहम सबूत जब्त किए हैं, जिनमें फर्जी नियुक्ति पत्र, अस्पताल अधीक्षक की सीलें, नकली हाजिरी रजिस्टर, बैंक चेक, महंगे मोबाइल फोन और एक लग्जरी कार शामिल हैं. पुलिस दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही है.