उदयपुर के रॉयल राजविलास प्रोजेक्ट के खरीदारों को बड़ी राहत: 12 साल बाद ED ने लौटाई ₹175 करोड़ की संपत्ति

उदयपुर, 15 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) . शहर के रॉयल राजविलास (Royal Rajvilas) हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े 200 से ज्यादा गृह खरीदारों को 12 साल बाद बड़ी राहत मिली है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ₹175 करोड़ की संपत्तियां खरीदारों को वापस कर दी हैं. इन खरीदारों ने वर्षों पहले अपने सपनों का घर पाने के लिए रकम जमा की थी, लेकिन कानूनी उलझनों के चलते उन्हें अब तक घर नहीं मिल पाया था. ईडी के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में 354 फ्लैट, 17 वाणिज्यिक इकाइयां और 2 प्लॉट शामिल हैं. इन संपत्तियों की मौजूदा बाजार कीमत करीब ₹175 करोड़ है.

Royal Rajvilas

यह मामला भरत बम्‍ब और उसके सहयोगियों से जुड़ा है, जिन्होंने 2011 से 2016 के बीच सिंडिकेट बैंक (अब केनरा बैंक) से लगभग ₹1267 करोड़ की धोखाधड़ी की थी. इस मामले में ईडी ने अप्रैल 2019 में ₹535 करोड़ की संपत्तियां जब्त की थीं, जिनमें ₹83.51 करोड़ की संपत्ति उदयपुर एंटरटेनमेंट वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड (UEWPL) की थी. इसी कंपनी के अंतर्गत उदयपुर का रॉयल राजविलास प्रोजेक्ट आता है.

कंपनी UEWPL को बाद में NCLT (राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण) में दिवालिया घोषित किया गया था. फरवरी 2022 में NCLT मुंबई ने कंपनी की रेजोल्यूशन योजना को मंजूरी दी और ईडी की संपत्तियों पर लगी जब्ती हटा दी. हालांकि, उस वक्त ईडी को इस प्रक्रिया में पक्षकार नहीं बनाया गया था. बाद में यह मामला Rajasthan हाईकोर्ट और फिर आगे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद ईडी ने खरीदारों का पूरा विवरण जुटाया और अदालत में नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) पेश किया, ताकि ईमानदार खरीदारों को राहत दी जा सके. इसके बाद अदालत ने आदेश जारी किया कि ₹175 करोड़ की संपत्तियां खरीदारों के लाभ के लिए बहाल की जाएं. ईडी ने कहा कि यह फैसला 213 खरीदारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो 12 साल से अपने घर का इंतजार कर रहे थे. एजेंसी ने बताया कि यह निर्णय खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है, ताकि किसी भी पक्ष को नुकसान न हो.