Election Counting Process: Bihar विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों से पहले चुनाव आयोग ने एक बार फिर मतगणना प्रक्रिया जारी करते हुए लोगों को याद दिलाया है कि EVM वोटों की काउंटिंग सुबह 8:30 AM से शुरू होती है. सबसे पहले सुबह 8 बजे Postal Ballot की गिनती की जाती है.
नतीजों के दिन TRP बढ़ाने की दौड़ में कई टीवी चैनल 8:10 AM के बाद ही पार्टियों के फर्जी आगे-पीछे वाले नंबर दिखाने लगते हैं. 8:30 बजते-बजते ये संख्या 100 सीटों को भी पार कर जाती है, जबकि उस समय अधिकारी सिर्फ बैलट गिन रहे होते हैं या उनके नंबर फाइनल कर रहे होते हैं.

तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने 2024 में कहा था कि EVM काउंटिंग का पहला नंबर 9 बजे से पहले आ ही नहीं सकता, क्योंकि EVM की गिनती 8:30 बजे शुरू होती है और एक राउंड में कम से कम 20–25 मिनट लगते हैं. उनके अनुसार पहले राउंड के नंबर लगभग 9 बजे तक घोषित होते हैं.
उन्होंने स्पष्ट कहा था—9 बजे से पहले किसी भी चैनल पर दिखाए गए आगे-पीछे के नंबर सिर्फ मनगढ़ंत होते हैं.
आयोग की वेबसाइट पर पहले राउंड की अपडेट सुबह 9:30 AM के आसपास की जाती है.
इसलिए यह समझ लें कि सुबह 9 बजे से पहले हर प्लेटफॉर्म पर दिखने वाली चुनावी बढ़त पूरी तरह नकली है. राजीव कुमार ने यह भी कहा था कि शुरुआत के एक घंटे में कई चैनल Exit Poll के नंबर सही साबित करने का माहौल बनाते हैं, लेकिन असली रिजल्ट आने पर लोग अक्सर चौंक जाते हैं.
मतगणना की शुरुआत: सुबह 8 बजे Postal Ballot की गिनती
चुनाव आयोग के अनुसार काउंटिंग सुबह 8 बजे शुरू होती है. सबसे पहले डाक मतपत्र (Postal Ballot) गिने जाते हैं. यह सुविधा सेना, सुरक्षा बलों और उन सरकारी कर्मचारियों को मिलती है जो ड्यूटी के कारण मतदान नहीं कर पाते.
EVM काउंटिंग सुबह 8:30 बजे प्रारंभ होती है. पोस्टल बैलट की गिनती RO या ARO द्वारा की जाती है.
EVM के अंतिम राउंड की काउंटिंग शुरू होने से पहले पोस्टल बैलट का पूरा काम खत्म होना जरूरी है. अगर तब तक पोस्टल बैलट बचा हो, तो अंतिम राउंड रोक दिया जाता है. इसके लिए एक अलग टेबल लगाया जाता है, जहां उम्मीदवारों के काउंटिंग एजेंट मौजूद रह सकते हैं.
काउंटिंग कर्मचारियों की तैनाती कैसे होती है?
काउंटिंग स्टाफ की तैनाती तीन चरणों में होती है:
• पहले चरण में काउंटिंग से एक सप्ताह पहले पद बताया जाता है.
• दूसरे चरण में 24 घंटे पहले विधानसभा क्षेत्र.
• तीसरे चरण में मतगणना की सुबह 5 बजे टेबल नंबर दिया जाता है.
EVM वोट गिनती की प्रक्रिया
EVM की गिनती सुबह 8:30 बजे शुरू होती है. हर विधानसभा क्षेत्र में 14 + 1 कुल 15 टेबल होते हैं.
• 14 टेबल पर EVM गिने जाते हैं
• 15वें टेबल पर ARO बैठकर काउंटिंग का संचालन करते हैं
हर टेबल पर एक Counting Supervisor, एक Counting Assistant, और एक Micro Observer होता है.
प्रत्येक उम्मीदवार हर टेबल पर अपने Counting Agent नियुक्त कर सकता है.
काउंटिंग एजेंट की मौजूदगी में ही गिनती
हर राउंड में EVM मशीनें टेबल पर लाई जाती हैं. एजेंट यह सुनिश्चित करते हैं कि सील टूटी न हो और मशीन नंबर Form 17C से मेल खाता हो. अगर EVM वोट और फॉर्म 17C में अंतर मिलता है, तो उस बूथ की VVPAT पर्चियों की गिनती अनिवार्य होती है.
अंत में 5 रैंडम बूथ का EVM–VVPAT मिलान
जब सभी बूथों की गिनती पूरी हो जाती है, तो पांच बूथों का रैंडम चयन कर EVM और VVPAT पर्चियों का मिलान किया जाता है. इस दौरान उम्मीदवार या उनके एजेंट उपस्थित रह सकते हैं.
चुनाव आयोग हर राउंड के बाद Round-wise अपडेट अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करता है.