जयपुर, 31 अक्टूबर (Udaipur Kiran News). भिवाड़ी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 20 सालों से फरार चल रहे 7500 रुपये के इनामी बदमाश जानू मेव पुत्र धन्नू (50), निवासी तिगांव, मेवात को गिरफ्तार किया है. यह आरोपी साल 2005 में थाना तिजारा क्षेत्र में हुई कॉपर लूटकांड का मुख्य अपराधी था.

जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश और भिवाड़ी एसपी प्रशांत किरण के निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत सीडीटी तिजारा और थाना शेखपुर की संयुक्त टीम ने इस कठिन गिरफ्तारी को अंजाम दिया.
2005 में की थी कॉपर लूट की सनसनीखेज वारदात
एसपी प्रशांत किरण ने बताया कि वर्ष 2005 में परिवादी बहादुर ने थाना तिजारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उसने बताया कि वह अलवर से टाटा 709 ट्रक में तांबे के बंडल लेकर दिल्ली जा रहा था. रास्ते में सलारपुर के पास अपराधियों ने एक ट्रक लगाकर उसका रास्ता रोका और चार हथियारबंद बदमाशों ने ड्राइवर और खलासी को बंधक बनाकर खेत में फेंक दिया. इसके बाद वे कॉपर से भरा पूरा ट्रक लूटकर फरार हो गए.
इस लूटकांड के बाद से ही मुख्य आरोपी जानू मेव पुलिस की पकड़ से दूर रहा और लगातार ठिकाने बदलता रहा.
20 साल बाद ऐसे घिरा कुख्यात लुटेरा
एसपी प्रशांत किरण ने जिले में पुराने लूट, हत्या और डकैती के मामलों में फरार वांछित अपराधियों को पकड़ने के निर्देश जारी किए थे. इसी क्रम में जानू मेव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने विशेष रणनीति बनाई.
पुलिस ने मेवात क्षेत्र में लंबे समय तक खुफिया नेटवर्क सक्रिय रखा, स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई, यहां तक कि पुलिसकर्मियों ने स्थानीय मेवाती भेषभूषा अपनाकर इलाके में गुप्त रूप से निगरानी की.
गुरुवार, 30 अक्टूबर को सीडीटी तिजारा और शेखपुर थाना टीम को सूचना मिली कि जानू फिरोजपुर झिरका (Haryana) में छिपा हुआ है. पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए वहां दबिश दी और इनामी बदमाश जानू मेव को गिरफ्तार कर लिया. बाद में उसे आगे की कार्रवाई के लिए थाना तिजारा पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया.
पुलिस टीम का सराहनीय प्रयास
इस ऑपरेशन में थानाधिकारी शेखपुर अहीर लोकेश के नेतृत्व में टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. विशेष रूप से सीडीटी तिजारा के हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश और कांस्टेबल मेहबूब (थाना शेखपुर अहीर) की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से यह गिरफ्तारी संभव हो सकी.