सरकारी स्कीम का झांसा देकर जमीन हड़पने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार
उदयपुर, 28 अक्टूबर (Udaipur Kiran)। गोगुंदा थाना क्षेत्र में सरकारी योजना के नाम पर धोखाधड़ी कर जमीन की रजिस्ट्री कराने और बैंक खातों से रुपये हड़पने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी बालूलाल पुत्र नोजीराम गमेती (36 वर्ष) निवासी धाम तलाई, रामा, थाना सुखेर, उदयपुर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई ग्रामीणों को सरकारी सहायता दिलाने का झांसा देकर ठगा था।

कसाल पिता मग्गा भील, हीरा पिता बाला भील, चुन्नीलाल पिता भजाराम भील, श्रीमती भूरकी बाई पत्नी नन्दा भील, बसंती पुत्री नन्दा भील और भैरूलाल पिता नन्दा भील, निवासी खेरावास, दादिया (थाना गोगुंदा) — ने पुलिस अधीक्षक उदयपुर के समक्ष परिवाद पेश किया था। उन्होंने बताया कि उनकी ईसवाल में लगभग 5 बीघा जमीन है। आरोपीगण ने सरकारी सहायता राशि दिलाने का झांसा देकर उन्हें अपने साथ ले जाकर धोखे से पावर ऑफ अटॉर्नी और रजिस्ट्री बालूलाल भील और उसकी पत्नी कमला के नाम पर करवा दी। इसके बाद ठगों ने ई-मित्र केंद्र पर बुलाकर सरकारी योजना के नाम पर छः लाख रुपये बैंक खातों से निकलवाए, जिन्हें बाद में विभिन्न माध्यमों से अपने कब्जे में ले लिया। जमीन की वास्तविक कीमत आठ लाख रुपये बताई गई, लेकिन प्रार्थीगण के खाते में केवल छह लाख रुपये ही जमा करवाए गए।
जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देशन में वृत्ताधिकारी गिर्वा सूर्यवीर सिंह के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। जांच में आरोपीगण — प्रकाश गमेती (गोगुंदा), गिरीश सिंह (छिपाला), नरेश मेघवाल (छिपाला), गणेश गमेती (रामा), दिनेश जोशी (बडगांव), राकेश कुमावत (शम्भुपुरा, चित्तौड़गढ़, हाल देवाली, उदयपुर) और लोकेन्द्र सिंह (वाघेरी सागवाडा) — की संलिप्तता सामने आई। आरोपी बालूलाल गमेती ने चार बीघा जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी डमी व्यक्ति गणेशलाल गमेती के नाम पर करवाई, जिसे बाद में अपनी पत्नी कमला के नाम रजिस्ट्री करवा दी। जबकि एक बीघा जमीन सीधे अपने नाम पर रजिस्ट्री कराई गई।
अपराधियों का पुराना रिकॉर्ड भी सामने आया
जांच में सामने आया कि आरोपीगण पूर्व से अपराधी प्रवृत्ति के हैं।
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बालूलाल गमेती के खिलाफ पूर्व में 6 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
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गिरीश सिंह के खिलाफ 5 प्रकरण दर्ज हैं।
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प्रकाश गमेती पर हत्या का एक मामला दर्ज है, जिसका चालान भी प्रस्तुत किया जा चुका है।



