उत्तराखंड हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की जमानत रद्द की

नैनीताल, 6 मई: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के बनभूलपुरा में फरवरी 2024 में हुई हिंसा मामले में आरोपी की जमानत रद्द कर दी है। नैनीताल हाई कोर्ट ने पहले आरोपी, जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब को जमानत दी थी। इसके बाद, उत्तराखंड सरकार ने हाई कोर्ट के इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। मामले की सुनवाई के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। उल्लेखनीय है कि फरवरी 2024 में बनभूलपुरा में रेलवे भूमि पर अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान आगजनी, हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हुई थीं, जिसमें एक पुलिस स्टेशन भी शामिल था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जावेद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की थी।
पुलिस के अनुसार, इस घटना के दौरान पेट्रोल बम और हथियारों का उपयोग किया गया था। पिछले महीने, उत्तराखंड हाई कोर्ट ने आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा पूछताछ के लिए समय विस्तार की मांग अनुचित नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपी निचली अदालत में नियमित जमानत याचिकाएं दायर कर सकते हैं।



