उदयपुर में अंतिम साक्षी काव्य पुस्तक का भव्य विमोचन

उदयपुर, 18 अप्रैल: पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, उमरड़ा में ‘अंतिम साक्षी’ नामक दार्शनिक काव्य पुस्तक का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में पुस्तक का औपचारिक विमोचन अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने किया, जिन्होंने लेखक को बधाई देते हुए इसे छात्रों और समाज के लिए मूल्यवान कार्य बताया।
यह पुस्तक डॉ. अनंत प्रकाश गुप्ता द्वारा लिखी गई है, जो वेंकटेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज के प्राचार्य और उदयपुर क्षेत्र में एक प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक हैं।
समारोह के दौरान, डॉ. गुप्ता ने कहा कि ‘अंतिम साक्षी’ केवल एक काव्य संग्रह नहीं है, बल्कि यह गहन मानव प्रश्नों, आत्म-चिंतन और आत्म-ज्ञान की दार्शनिक यात्रा है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक किसी अंतिम सत्य का दावा नहीं करती, बल्कि पाठकों को अपने भीतर झांकने और आत्म-संवाद में संलग्न होने के लिए प्रेरित करती है। इस कार्य में स्वतंत्रता, भय, एकाकीपन, शून्यता और आत्म-स्वीकृति जैसे विषयों की खोज की गई है।
साई तिरुपति विश्वविद्यालय के उपकुलपति, डॉ. प्रशांत नाहर ने पुस्तक को ज्ञान और संवेदनशीलता का एक अर्थपूर्ण मिश्रण बताया, जो सकारात्मक सोच और गहरी समझ को बढ़ावा देता है।
पीआईएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेश गोयल ने कहा कि यह पुस्तक छात्रों को जीवन के दार्शनिक पहलुओं को समझने में मदद करेगी और आत्म-चिंतन को प्रोत्साहित करेगी, जिससे उनके समग्र विकास में सहायता मिलेगी।
उप रजिस्ट्रार डॉ. कणु प्रिय तिवारी ने इसे एक विचारोत्तेजक और संवेदनशील कार्य बताया, जो आत्म-जागरूकता को प्रेरित करता है। एचआर प्रमुख चारु टक ने कहा कि यह पुस्तक युवाओं को जीवन के मूल्यों को समझने में मार्गदर्शन करेगी।
शोध डीन डॉ. भारत पारसरा ने बताया कि यह कार्य न केवल साहित्य में प्रेरणा देता है, बल्कि शोध और बौद्धिक अन्वेषण में भी महत्वपूर्ण है। एनाटमी विभाग के प्रमुख डॉ. गणेश ने इसके विज्ञान और दार्शनिकता के मिश्रण पर जोर दिया, जो छात्रों को जीवन के गहरे अर्थों की खोज के लिए प्रेरित करता है।
डॉ. दिलीप पारिक ने कहा कि यह पुस्तक युवा पाठकों को उनके जीवन के लक्ष्यों को समझने और सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
इस कार्यक्रम में यश जैन, पियूष शर्मा, नीतू विश्वास, तमन्ना और अमन वशिष्ठ सहित कई गणमान्य व्यक्ति और छात्र शामिल हुए। समारोह ने एक मजबूत साहित्यिक भावना और बौद्धिक गहराई का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, और इसकी अध्यक्षता दिव्या अतरे ने की।



