जम्मू और कश्मीर ने सिंगापुर को भेजे प्रीमियम चेरी और प्लम

नई दिल्ली, 19 जुलाई: केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस संदर्भ में, जम्मू और कश्मीर के शोपियां और पुलवामा से प्रीमियम एरेको चेरी और सेंट्रोस प्लम का पहला शिपमेंट सिंगापुर के लिए निर्यात किया गया है। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को साझा की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर गोयल ने कहा, “यह खबर शोपियां और पुलवामा के किसानों के लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। APEDA के सहयोग से प्रीमियम एरेको चेरी और सेंट्रोस प्लम का पहला शिपमेंट सिंगापुर के लिए रवाना हुआ है। यह पहल किसानों को बेहतर कीमतें, वैश्विक बाजारों तक सीधी पहुंच और भारत के कृषि निर्यात को मजबूत करने में मदद करेगी।”
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बताया कि कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने शोपियां और पुलवामा से प्रीमियम एरेको चेरी (उच्च घनत्व वाली यूरोपीय मीठी चेरी) और सेंट्रोस प्लम का निर्यात सिंगापुर के लिए सुगम बनाया।
यह उपलब्धि अबू धाबी और दुबई में ताजे चेरी और प्लम के सफल निर्यात के बाद आई है, जिससे कश्मीर के प्रीमियम समशीतोष्ण फलों की वैश्विक उपस्थिति और बढ़ी है।
मंत्रालय ने बताया कि APEDA ने 16 जुलाई 2026 को सिंगापुर के लिए पहले निर्यात शिपमेंट का ध्वज-उत्थापन समारोह आयोजित किया, जिसमें पुलवामा से ओसुम फूड सॉल्यूशंस LLP और फ्रूट मास्टर एग्रो फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड का सहयोग रहा।
बयान में यह भी बताया गया कि जम्मू और कश्मीर, जो अपनी अनुकूल कृषि जलवायु के लिए जाना जाता है, उच्च गुणवत्ता वाले समशीतोष्ण फलों का उत्पादन करता है जिनका स्वाद और बनावट उत्कृष्ट होती है। निर्यात शिपमेंट की कटाई, ग्रेडिंग, पैकिंग और परिवहन वैज्ञानिक तरीके से किया गया, जो अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और पौधों की स्वच्छता मानकों का पालन करता है, ताकि सिंगापुर में ताजगी और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
यह पहल उत्पादकों को पारंपरिक विपणन चैनलों की तुलना में 50 प्रतिशत से अधिक लाभ देने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, यह निर्यात-उन्मुख उत्पादन, वैज्ञानिक कृषि प्रथाओं को अपनाने और बेहतर उपज के बाद प्रबंधन को बढ़ावा देने की अपेक्षा है, जिससे उपज के बाद के नुकसान को कम किया जा सके, मूल्य की पहचान बढ़े और जम्मू और कश्मीर में फल उत्पादक समुदायों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर पैदा हों।
मंत्रालय ने आगे कहा कि यह निर्यात APEDA के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है, जो भारत के बागवानी निर्यात को बाजार विविधीकरण, निर्यात सुविधा और बेहतर लॉजिस्टिक्स के माध्यम से मजबूत करना चाहता है। इस पहल का उद्देश्य उत्पादकों को प्रीमियम अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाना और जम्मू और कश्मीर को वैश्विक बाजारों में उच्च मूल्य वाले ताजे समशीतोष्ण फलों का विश्वसनीय स्रोत स्थापित करना है।



