झारखंड में हिमांशु हत्या मामले पर बीजेपी ने बुलाया बंद

रांची, 1 जुलाई: झारखंड में बीस्तुपुर स्थित डबल डाउन पब और बार के बाहर एक युवक हिमांशु सिंह की हत्या के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस घटना के दौरान पुलिस की मौजूदगी में हुई हत्या के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी ने उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने, सभी आरोपियों के लिए त्वरित सुनवाई की मांग की है और राज्य के कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
बीजेपी ने 3 जुलाई को जमशेदपुर में बंद का आह्वान किया है। 2 जुलाई की शाम को शहर में एक मशाल रैली आयोजित की जाएगी। बीजेपी के राज्य अध्यक्ष, आदित्य साहू ने रांची में पार्टी के राज्य कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यह घटना केवल हत्या नहीं है, बल्कि कानून के शासन पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में अपराधी इतने हिम्मती हो गए हैं कि वे पुलिस की मौजूदगी में भी हिंसा करने से नहीं चूकते।
रिपोर्ट के अनुसार, 27 जून की रात हिमांशु सिंह और उनके दोस्तों पर कुछ युवकों द्वारा कथित उत्पीड़न के खिलाफ विरोध करने के बाद हमला किया गया था। अपनी जान बचाने के लिए हिमांशु ने पुलिस की PCR वैन में शरण ली, लेकिन हमलावरों ने उन्हें पुलिस के सामने से खींचकर बाहर निकाला और धारदार हथियारों से हमला किया। हिमांशु 29 जून को इलाज के दौरान अपनी चोटों के कारण दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद शहर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए, जिसने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए।
साहू ने जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी जान बचाने के लिए पुलिस वाहन में शरण लेता है और पुलिस की निष्क्रियता के बीच उसे खींचकर बाहर निकालकर हत्या कर दी जाती है, तो यह कानून और व्यवस्था की एक बड़ी विफलता है। बीजेपी ने घटना के समय मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या के आरोप लगाने की मांग की है।
आदित्य साहू ने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, अदालत में त्वरित सुनवाई, पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजा और सरकारी सहायता, और राज्य में संगठित अपराध, वसूली, अवैध हथियारों और आपराधिक गैंग के खिलाफ विशेष अभियान की भी मांग की। उन्होंने राज्य सरकार की आलोचना की कि उसने जन दबाव के तहत दो पुलिस अधीक्षकों को हटा दिया, लेकिन लंबे समय तक उनके स्थान पर नियुक्ति नहीं की, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने दावा किया कि झारखंड में हत्या, अपहरण, बलात्कार और चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कानून और व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। बीजेपी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार तुरंत अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाती है, तो पार्टी झारखंड में अपने आंदोलन को तेज करेगी और आवश्यकता पड़ने पर राज्यव्यापी बंद का आह्वान कर सकती है।



