दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए संशोधित GRAP में बड़े बदलाव

नई दिल्ली, 30 सितंबर: वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली-एनसीआर में लागू संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जैसा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा घोषित किया गया। आयोग के तकनीकी सदस्य डॉ. एस.डी. आत्री ने बताया कि नए निर्देशों को लागू करने के लिए अद्यतन कार्यक्रम को मंजूरी दी गई है, जो पूरे वर्ष प्रभावी रहेगा।
पहले, नवंबर 2025 में जारी GRAP कार्यक्रम लागू था, जिसे सुप्रीम कोर्ट से भी मंजूरी मिली थी। इस कार्यक्रम की वार्षिक समीक्षा हितधारकों और विशेषज्ञों के साथ चर्चा के माध्यम से की जाती है। इस बार, GRAP की उप-समिति ने ऐसे बदलावों का प्रस्ताव रखा, जिन्हें आयोग ने मंजूरी दी।
संशोधित GRAP में दो प्रमुख परिवर्तन किए गए हैं। पहला, अंतर-शहर बसों से संबंधित है, जिन्हें पहले स्टेज-2 प्रावधानों के तहत वर्गीकृत किया गया था। अब इन्हें स्टेज-1 में स्थानांतरित कर दिया गया है, जो उनके वर्ष भर संचालन की प्रासंगिकता को दर्शाता है। डॉ. आत्री ने स्पष्ट किया कि BS-6 मानक से कम उत्सर्जन वाली बसों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं है, केवल CNG, BS-6 डीजल और इलेक्ट्रिक बसों को संचालन की अनुमति है।
दूसरा महत्वपूर्ण परिवर्तन डीजल जनरेटर (DG) सेट से संबंधित है। डॉ. आत्री ने बताया कि DG सेट के संबंध में लगभग 76 निर्देश हैं, जो पूरे वर्ष लागू होते हैं। इनमें जनरेटर की क्षमता, डुअल-फ्यूल किट, वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और 800 किलोवाट से अधिक के DG सेट के लिए नियम शामिल हैं।
चूंकि ये प्रावधान लगातार प्रभावी हैं, इसलिए इन्हें विभिन्न चरणों में लागू करने की आवश्यकता नहीं समझी गई। इसलिए, संशोधित GRAP में DG सेट के नियमों को भी स्टेज-1 से लागू करने का प्रावधान किया गया है।
CAQM के सदस्य ने जोर देकर कहा कि संशोधित GRAP तैयार करते समय विभिन्न क्षेत्रों, जैसे परिवहन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, से संबंधित उपायों को तार्किक रूप से एकीकृत किया गया है। इसका उद्देश्य स्थायी प्रदूषण नियंत्रण उपायों और GRAP के चरणबद्ध प्रावधानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।



