नारायण सेवा संस्थान ने शुरू किया ‘अपनों से अपनी बात भोलेनाथ के साथ’ कार्यक्रम

उदयपुर, अगस्त 18: नारायण सेवा संस्थान के सेवा महातिर्थ बाड़ी में ‘अपनों से अपनी बात भोलेनाथ के साथ’ नामक एक आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के शुभ अवसर पर किया गया।
इस शिव कथा का आयोजन संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल की उपस्थिति में किया गया। दिव्यांगजन, मरीज और उनके परिवार के सदस्य इस कार्यक्रम में श्रद्धा के साथ शामिल हुए।
कथा के दौरान, प्रशांत अग्रवाल ने शिव के सार को समझाया और कहा कि भगवान शिव केवल एक देवता के रूप में पूजे नहीं जाते, बल्कि वे बलिदान, करुणा, संतुलन और समता का प्रतीक भी हैं।
उन्होंने शिव और शक्ति के मिलन के माध्यम से सृष्टि के विस्तार की कथा सुनाई और बताया कि भगवान विष्णु शिव की सृष्टि के दृष्टि के माध्यम से प्रकट हुए। इसके बाद शिव और विष्णु के बीच संवाद की एक भावनात्मक कहानी सुनाई गई।
कथा में भगवान ब्रह्मा के विष्णु से प्रकट होने और उस घटना का विवरण भी दिया गया जिसमें ब्रह्मा ने विष्णु से अपने प्रकट होने का कारण जानने की कोशिश की।
धैर्य, करुणा और संतुलन का संदेश
प्रशांत अग्रवाल ने शिव के सार को वर्तमान जीवन से जोड़ते हुए कहा कि आज के लोगों को बाहरी संघर्षों से अधिक अपनी आंतरिक कमजोरियों पर काबू पाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि शिव का संदेश लोगों को कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने, दूसरों के प्रति करुणा दिखाने और जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सेवा, बलिदान और परोपकार की भावना से जीवन सार्थक बनता है।
कार्यक्रम में उपस्थित दिव्यांगजन और मरीजों ने शिव कथा को ध्यान से सुना। लाभार्थी दिव्यांगजन ने अपने जीवन में आए बदलावों और आत्मनिर्भर बनने के अनुभव साझा किए, साथ ही संस्थान द्वारा प्रदान की गई सेवाओं के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान परिसर में श्रद्धा, विश्वास और सेवा का वातावरण बना रहा।



