राहुल गुप्ता ने MP के मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ मामला दायर किया

रायपुर, अगस्त 9: अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही राहुल गुप्ता, जिन्हें ‘माउंटेन मैन’ के नाम से जाना जाता है, ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ रायपुर की अदालत में एक याचिका दायर की है। अदालत ने मुख्यमंत्री को नोटिस जारी किया है, और अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।
गुप्ता का आरोप है कि डॉ. यादव ने अपनी आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से जबलपुर के पर्वतारोही अंकित सेन को ‘माउंटेन मैन’ के रूप में प्रचारित किया है। उनका कहना है कि इससे उनकी स्थापित पहचान और कानूनी रूप से पंजीकृत ‘माउंटेन मैन’ ट्रेडमार्क को नुकसान पहुंचा है।
गुप्ता के अनुसार, उन्हें 2014 में छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा खेलों में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए ‘माउंटेन मैन’ का खिताब दिया गया था। इसके बाद, उनकी कानूनी टीम ने उसी वर्ष नाम का ट्रेडमार्क पंजीकरण के लिए आवेदन किया, जो 2019 में आधिकारिक रूप से पंजीकृत हुआ।
गुप्ता ने बताया कि उन्होंने 14 मई 2018 को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह किया। वे दावा करते हैं कि पिछले एक दशक में उन्होंने ‘माउंटेन मैन’ की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है।
वे आरोप लगाते हैं कि मुख्यमंत्री द्वारा अंकित सेन को ‘माउंटेन मैन’ के रूप में प्रचारित करने से उनके ट्रेडमार्क अधिकार, व्यक्तिगत पहचान और व्यावसायिक हितों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने 1999 के ट्रेडमार्क अधिनियम की धाराओं 28 और 29 के तहत अपने अधिकारों के उल्लंघन का हवाला दिया और मुख्यमंत्री पर उनकी व्यक्तिगत और प्रचार अधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
गुप्ता ने उल्लेख किया कि उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय को जून और अगस्त 2025 में विवादित सोशल मीडिया पोस्ट हटाने और मामले पर स्पष्टीकरण के लिए शिकायतें और अनुस्मारक भेजे थे। हालांकि, कई प्रयासों के बावजूद उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उनकी मुख्य मांग है कि मुख्यमंत्री कार्यालय सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करे कि ‘माउंटेन मैन’ की आधिकारिक पहचान किससे जुड़ी है।
गुप्ता ने कहा, “हमने इस विवाद को लगातार संवाद और संचार के माध्यम से हल करने की कोशिश की। हमने ईमेल और अन्य माध्यमों से संपर्क किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अंततः, हमें न्याय के लिए अदालत के दरवाजे खटखटाने पड़े।” मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को रायपुर अदालत में होगी।



