सोशल मीडिया पर बाल पोर्नोग्राफी के खिलाफ NHRC की कार्रवाई

नई दिल्ली, अगस्त 5: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर बच्चों से संबंधित अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री की उपलब्धता के संबंध में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, कई राज्यों के पुलिस प्रमुखों और मेटा इंडिया को नोटिस जारी किया है। आयोग ने सभी पक्षों से एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट (ATR) मांगी है।
यह कार्रवाई एक गैर-लाभकारी संगठन की शिकायत के बाद की गई है, जिसमें दावा किया गया था कि मेटा के प्लेटफार्मों, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उपलब्ध कुछ लिंक में बच्चों के लिए अनुपयुक्त अश्लील सामग्री है और इसमें बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) शामिल हो सकती है।
NHRC के सदस्य प्रियंक कणुंगो ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह बच्चों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन होगा और इसे POCSO अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम जैसे विभिन्न कानूनों के तहत दंडनीय माना जाएगा।
आयोग ने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, हरियाणा, नई दिल्ली, चंडीगढ़ और बिहार के पुलिस महानिदेशकों (DGPs) से रिपोर्ट मांगी है, जिसमें उन्हें शिकायत से जुड़े URLs और डिजिटल सबूतों की जांच करने के लिए उनके साइबर क्राइम यूनिट्स और विशेष किशोर पुलिस इकाइयों के माध्यम से निर्देशित किया गया है।
यदि जांच में कोई संज्ञानीय अपराध पाया जाता है, तो FIR दर्ज की जानी चाहिए, और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए जो कथित सामग्री को बनाने, अपलोड करने, प्रकाशित करने या प्रसारित करने के लिए जिम्मेदार हैं। इसके अलावा, यदि किसी बच्चे को पीड़ित के रूप में पहचाना जाता है, तो उसे तुरंत बचाने, चिकित्सा सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, पुनर्वास और अन्य कानूनी सहायता प्रदान की जानी चाहिए।
NHRC ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से यह भी पूछा है कि उन्होंने कथित आपत्तिजनक URLs को हटाने, ब्लॉक करने या पहुंच को प्रतिबंधित करने के लिए क्या कदम उठाए हैं, साथ ही ऐसे सामग्री को फिर से अपलोड होने से रोकने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों के बारे में भी जानकारी मांगी है।
मेटा इंडिया को निर्देशित किया गया है कि वह कथित सामग्री को हटाने या पहुंच को प्रतिबंधित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी प्रदान करे, और संबंधित खातों, मेटाडेटा, IP लॉग, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों को सुरक्षित रखे। आयोग ने मेटा से यह भी पूछा है कि यदि सामग्री में CSAM पाया जाता है तो स्थानीय पुलिस या विशेष किशोर पुलिस इकाइयों को सूचित करने के लिए क्या कार्रवाई की गई है।
सभी संबंधित पक्षों को NHRC को एक सप्ताह के भीतर अपनी कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है।



