उत्तराखंड में बारिश का कहर, रुद्रप्रयाग में भूस्खलन से मद्महेश्वर यात्रा रुकी, गंगोत्री हाईवे बंद
देहरादून, 18 अगस्त (Udaipur Kiran). Uttarakhand के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बारिश का यह सिलसिला 20 अगस्त तक जारी रह सकता है. Monday को पौड़ी, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज वर्षा के आसार हैं. लगातार बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.

मद्महेश्वर यात्रा पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त, यात्रा पर रोक
रुद्रप्रयाग जिले में मूसलाधार बारिश के चलते मद्महेश्वर यात्रा रोक दी गई है. बणतोली के पास यात्रा मार्ग का 40 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया है, जिससे आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है. इस दौरान फंसे 153 यात्रियों को एसडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन दल ने रस्सियों के सहारे सुरक्षित रेस्क्यू कर गौंडार गांव पहुंचाया. विधायक आशा नौटियाल ने लोक निर्माण विभाग को तीन दिन में वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने बताया कि मोरकुंडा नदी पर 90 मीटर लंबे झूला पुल के निर्माण को शासन से मंजूरी मिल गई है. वर्ष 2023 में बना स्टील गार्डर पुल अतिवृष्टि में बह गया था, जिसके बाद से यात्रा अस्थायी व्यवस्थाओं पर ही संचालित हो रही है.
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग खोलने में जुटा प्रशासन
उत्तरकाशी जिले में भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज़ी से जारी हैं. खराब मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद राहतकर्मी पूरी ऊर्जा के साथ जुटे हुए हैं. राहत दल ने कल भागीरथी नदी में राफ्ट उतारकर घरेलू गैस सिलेंडर और अन्य जरूरी सामग्री नदी पार पहुंचाई, जिसे बाद में प्रभावित गांवों में वितरित किया गया. धराली सहित अन्य सीमांत गांवों में भी खाद्यान्न वितरण किया गया. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री समय पर पहुंचाना उसकी प्राथमिकता है.



