महाराष्ट्र में भारी बारिश से 12 लोगों की मौत, मुंबई में मीठी नदी की बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
मुंबई, 19 अगस्त (Udaipur Kiran). Maharashtra के मुंबई समेत कई जिलों में लगातार तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. विभिन्न घटनाओं में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घर ढह गए हैं और लगभग 5 लाख एकड़ जमीन पर फसलें बर्बाद हो गई हैं. मुंबई में मीठी नदी में बाढ़ के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं. रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से मुंबई की लाइफलाइन लोकल ट्रेन सेवाएं बाधित हो गई हैं, वहीं सड़क यातायात और हवाई सेवा भी प्रभावित हुई है.

राज्य के आपातकालीन विभाग के मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में बारिश से आम जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है. अब तक विभिन्न घटनाओं में 12 लोगों की मौत और सैकड़ों पशुओं की जान गई है. लोकल ट्रेन और सड़क यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित है. कई स्थानों पर बसें फंस गई हैं और हवाई सेवाओं में भी देरी हो रही है. मीठी नदी के किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें तैनात की गई हैं.
नांदेड़, कोल्हापुर, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, नासिक, सातारा, रायगढ़ आदि जिलों में भी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और वहां जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं.
मुंबई में मंगलवार सुबह से मूसलाधार बारिश के साथ समुद्र में ज्वार भी आ गया है, जिससे शहर का पानी समुद्र में नहीं जा पा रहा है. इससे मीठी नदी खतरे के निशान को पार कर गई है. कुर्ला, पवई, बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स जैसे इलाकों में पानी पहली मंजिल तक पहुंच गया है. क्रांति नगर इलाके में एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमों ने अब तक 225 लोगों को सुरक्षित निकाला है और राहत कार्य लगातार जारी है.
भारी बारिश के चलते अंधेरी सबवे, मिलन सबवे और मालाड सबवे में पानी भरने से इन्हें बंद करना पड़ा है. पालघर जिले के वसई के मीठागार क्षेत्र में 145 परिवार पानी में फंसे हैं. नालासोपारा और विरार की सैकड़ों इमारतों के आसपास भी भारी जलभराव है. ठाणे जिले के मुंब्रा, भिवंडी, मीरा-भाईंदर समेत कई इलाकों में भी जलभराव से नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.



