उदयपुर, 5 सितम्बर (Udaipur Kiran News). विश्व प्रसिद्ध फतहसागर झील के मध्य स्थित नेहरू उद्यान के जीर्णोद्धार के बाद अब इसका नया रूप शहरवासियों और पर्यटकों के लिए खुल गया है. चार सालों से चल रहे इंतजार के बाद शुक्रवार को इसका लोकार्पण किया गया. इस अवसर पर राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे.

उद्यान का इतिहास और जीर्णोद्धार कार्य
करीब 1967 में निर्मित नेहरू गार्डन लंबे समय तक स्थानीय लोगों और पर्यटकों का पसंदीदा स्थल रहा. झील पूरी भरने पर यह गार्डन जलमग्न हो जाता था. नगर निगम से उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) को हस्तांतरित होने के बाद इसके जीर्णोद्धार की प्रक्रिया शुरू हुई. Chief Minister की बजट घोषणा 2024-25 के तहत यहां सिविल कार्य, फुटपाथ, वॉटर बॉडीज, हेरिटेज स्ट्रक्चर और हॉर्टिकल्चर का नवीनीकरण किया गया. झील की भराव क्षमता को देखते हुए फुटपाथ का स्तर भी ऊंचा किया गया.
लोकार्पण और विकास कार्य
राजीव गांधी उद्यान के सामने नवनिर्मित जेटी का उद्घाटन कर नौका से अतिथि उद्यान पहुंचे और पूजा-अर्चना के साथ लोकार्पण किया. साथ ही यहां म्युजिकल फाउंटेन और पूरे परिसर की फसाड लाइटिंग सहित विकास कार्यों का शिलान्यास हुआ. इस दौरान यूडीए आयुक्त राहुल जैन, सचिव हेमेंद्र नागर और विशेषाधिकारी जितेंद्र ओझा ने अतिथियों का स्वागत किया. सांसदों और विधायकों ने कहा कि उदयपुर की पहचान पर्यटन है और नेहरू गार्डन का नया स्वरूप पर्यटकों के अनुभव को और समृद्ध करेगा.
नाइट टूरिज्म को बढ़ावा
जिला कलेक्टर नमित मेहता और यूडीए आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि फिलहाल उद्यान सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहेगा. म्युजिकल फाउंटेन और फसाड लाइटिंग का कार्य पूर्ण होने के बाद यह समय रात 9:30 बजे तक बढ़ा दिया जाएगा. इससे उदयपुर में नाइट टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा. पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए यहां केवल इलेक्ट्रिक बोट चलाई जाएंगी. साथ ही रानी रोड पर नाइट फूड कोर्ट प्रस्तावित है, जिससे यह क्षेत्र पर्यटन का नया केंद्र बनेगा और मुख्य पाल पर दबाव भी कम होगा.