उदयपुर, 12 सितंबर (Udaipur Kiran News). चांदपोल बाहर वार्ड 12 स्थित नागर घाट पर स्थित प्राचीन श्रीनारायणेश्वर महादेव मंदिर बीते 68 दिनों से बंद है. सनातन संस्कृति की इस धरोहर मंदिर और घाट को बचाने की मांग अब तेज हो गई है. स्थानीय भक्तों का कहना है कि मंदिर के द्वार बंद होने से धार्मिक आस्था आहत हुई है और प्रशासन को शीघ्र समाधान करना चाहिए.

भक्तों ने बताया कि 8 जून को मंदिर को तोड़ा गया था. उस समय यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि किसने तोड़ा, लेकिन अगले दिन ईद का त्योहार होने के कारण उन्होंने शांति बनाए रखने की दृष्टि से कोई विरोध नहीं किया ताकि माहौल न बिगड़े. बाद में जानकारी मिली कि यह कार्य लीला होटल प्रबंधन द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया गया था, ताकि मंदिर का अस्तित्व समाप्त हो सके. भक्तों का आरोप है कि अब तक इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
4 जुलाई की शाम को मंदिर के रास्ते को लोहे की चादर लगाकर बंद किए जाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया. हालांकि, किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं की गई. रात 11 बजे तक भक्त वहीं मौजूद रहे और सामूहिक निर्णय लेकर 60 सनातन धर्मावलंबी थाने पहुंचे. उसी दौरान होटल प्रबंधन ने मंदिर का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया.
भक्तों का कहना है कि वे केवल शांति और श्रद्धा से पूजा-अर्चना करना चाहते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस तरह शांति से पूजा करना कोई गलती है. भक्तों ने Rajasthan सरकार से अपील की है कि वह वास्तविक स्थिति को समझकर इस विवाद का स्थायी समाधान निकाले.