अजमेर, 13 सितंबर (Udaipur Kiran News). आनासागर वेटलैंड क्षेत्र में बने सेवन वंडर्स पार्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई Saturday को भी जारी रही. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने लगातार दूसरे दिन भी जेसीबी, पोकलेन और क्रेन की मदद से संरचनाओं को गिराने का काम किया.

शुक्रवार को शुरू हुई कार्रवाई में रोम का कोलोसियम पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया था. एफिल टॉवर को तीन हिस्सों में काटा गया, जिनमें से दो हिस्से हटाए जा चुके हैं. वहीं ब्राजील की क्राइस्ट द रिडिमर प्रतिमा को क्रेन के जरिये सुरक्षित उतारा गया और मिस्र के पिरामिड को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई. Saturday को ताजमहल और पीसा की झुकी हुई मीनार को हटाने का काम प्रस्तावित किया गया.
एडीए की टीम शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे तक कार्रवाई करती रही और Saturday सुबह फिर से काम शुरू कर दिया. इस दौरान पार्क का मुख्य प्रवेश द्वार बंद रखा गया और आमजन की आवाजाही रोक दी गई.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने पहले आनासागर वेटलैंड और ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में हुए अवैध निर्माणों को हटाने के आदेश दिए थे. इसी क्रम में पहले फूड कोर्ट को तोड़ा जा चुका है. जिला प्रशासन ने कोर्ट में हलफनामा देकर स्पष्ट किया था कि 17 सितंबर तक सेवन वंडर्स को पूरी तरह हटाना अनिवार्य है. इसी डेडलाइन के चलते 12 सितंबर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज कर दी गई.
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पार्क का शुभारंभ वर्ष 2022 में तत्कालीन Chief Minister अशोक गहलोत ने किया था. इसमें ताजमहल, एफिल टॉवर, पीसा की मीनार, क्राइस्ट द रिडिमर, रोम का कोलोसियम, मिस्र के पिरामिड और स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी जैसे मॉडल बनाए गए थे.
सुप्रीम कोर्ट ने वेटलैंड और ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में हुए निर्माणों पर कड़ी आपत्ति जताई थी. हालांकि अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि इन अवैध निर्माणों की जिम्मेदारी किन अधिकारियों पर तय होगी. अगली सुनवाई में कोर्ट के सामने लगभग 39 करोड़ रुपये की लागत से बने पाथवे और ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में बने आजाद पार्क व गांधी पार्क के निर्माण कार्यों की भी जांच होगी.
एडीए की कार्रवाई के बीच आमजन में चर्चा है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनी संरचनाओं को महज तीन साल में ही ढहा दिया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार एजेंसियों और अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.