उदयपुर, 13 सितंबर (Udaipur Kiran News). अपना घर आश्रम, उदयपुर में शुक्रवार का दिन भावुक क्षण का साक्षी बना, जब लंबे 18 माह बाद एक भाई का अपने सगे भाई से पुनर्मिलन हुआ. इस दौरान वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं.

आश्रम प्रभारी सुल्तान सिंह ने बताया कि 29 फरवरी 2024 को रेस्क्यू अभियान के तहत भेरूलाल प्रभु जी को बेसहारा और आश्रयहीन अवस्था में आश्रम लाया गया था. लगातार उपचार और देखभाल से उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ. 12 सितंबर 2025 को उनके परिजनों ने उनसे मुलाकात की.
भाई को लेने के लिए उनके भतीजे हिम्मत, डालचंद और भतीजी प्रियंका भी आश्रम पहुंचे. इतने लंबे समय बाद अपनों को देखकर भेरूलाल प्रभु जी का चेहरा खुशी से खिल उठा. परिजनों ने आश्रम की सेवाओं और सहयोग के लिए विशेष आभार जताया.
आश्रम वित्त सचिव प्रकाश जोशी ने आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के बाद भेरूलाल प्रभु जी को तिलक लगाकर और ऊपर्णा पहनाकर बड़ी गर्मजोशी के साथ उनके पैतृक गांव कांजी कुई लालपुरा, तहसील गिरवा बेमला, उदयपुर के लिए विदा किया.
आश्रम अध्यक्ष गोपाल कनेरिया ने बताया कि अब तक 101 प्रभुजी को उनके परिजनों से मिलाया जा चुका है. वर्तमान में आश्रम में 46 प्रभुजी रह रहे हैं, जिनमें से कई के परिवारों का कोई सुराग नहीं है. वे भी इसी इंतजार में हैं कि कोई अपना उन्हें लेने आए.