दुर्गापूजा के बीच कोलकाता त्रासदी पर सुकांत मजूमदार का हमला, ममता सरकार पर झूठ फैलाने का आरोप

सुकांत मजूमदार

कोलकाता, 24 सितंबर (Udaipur Kiran News) . दुर्गापूजा के बीच कोलकाता और West Bengal में हुई बारिश और करंट लगने की घटनाओं में 10 लोगों की मौत पर राजनीति तेज हो गई है. केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और बंगाल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने Chief Minister ममता बनर्जी और राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सच्चाई छिपाने और झूठ फैलाने का काम किया है.

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मजूमदार का आरोप – झूठ और लापरवाही से बढ़ा संकट

सुकांत मजूमदार ने बुधवार को माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स पर लिखा कि दुर्गापूजा के पावन अवसर पर जब बंगाल मौत और तबाही से जूझ रहा था, तब ममता बनर्जी और उनकी टीम झूठ परोसने और जनता का दर्द दबाने में लगी रही. उन्होंने कहा कि यह बंगाल की आत्मा पर गहरा आघात है.

भाजपा नेता ने अपने ट्वीट में राज्य सरकार पर तीन बड़े झूठ बोलने का आरोप लगाया.

पहला झूठ – बारिश अचानक हुई. ‌ मंगलवार को Chief Minister ममता बनर्जी ने कहा था कि बारिश अचानक हुई थी. इसे झूठा करार देते हुए मजूमदार ने कहा कि Indian मौसम विभाग ने एक दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि गंगीय West Bengal, Jharkhand और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.

दूसरा झूठ –Chief Minister ममता बनर्जी ने कहा कि यह सीईएससी की जिम्मेदारी है. इस पर पलटवार करते हुए सुकांत मजूमदार ने कहा कि बिजली कंपनी सीईएससी ने साफ किया कि स्ट्रीट लाइट पोल और ट्रैफिक लाइट की जिम्मेदारी उनकी नहीं है.

तीसरा झूठ–Chief Minister ममता बनर्जी ने सरेआम दावा किया कि 24 घंटे में 1423.2 मिमी बारिश हुई.

मजूमदार ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता में 24 घंटे में 247 मिमी बारिश हुई थी, न कि 1423 मिमी.

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‘जनता की मदद करने की बजाय सरकार प्रचार में डूबी रही’

सुकांत मजूमदार ने कहा कि जब लोगों को मदद की जरूरत थी, तब Chief Minister ममता बनर्जी झूठ फैलाने में लगी थीं और मंत्री फिरहाद हकीम सोफे पर बैठे थे. उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि ममता का भतीजा शायद जिम में था.

भाजपा नेता ने कहा कि बंगाल किसी की दया पर नहीं जीता. हर बार की तरह बंगाल इस आपदा से भी उठ खड़ा होगा. लेकिन इस बार लोग यह नहीं भूलेंगे कि जब वे अपनी जान बचाने की लड़ाई लड़ रहे थे, तब सरकार ने उन्हें सच की बजाय झूठ दिया और उनकी पीड़ा का मजाक उड़ाया. मजूमदार ने अंत में लिखा कि इस बार बंगाल उठेगा और इस बार बंगाल याद रखेगा.

(Udaipur Kiran) / ओम पराशर

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