
– कासगंज जिला प्रोबेशन कार्यालय में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं हिना
– अबतक 26 हजार से अधिक महिलाओं की कर चुकी हैं मदद
लखनऊ, 28 सितंबर (Udaipur Kiran News) . Uttar Pradesh में एटा जिले की रहने वाली सकीब हिना नाज मिशन शक्ति अभियान के जरिए नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की प्रेरक मिसाल बनी हैं. बचपन से एक पैर से पोलियोग्रस्त होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी.
कासगंज जिला प्रोबेशन कार्यालय में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हिना साहस और सेवा-भावना की जीती-जागती मिसाल हैं. Chief Minister योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तीकरण मुहिम ने हिना जैसे समर्पित महिलाओं को नारी शक्ति के रूप में सशक्त किया, जो पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही हैं.
हिना नाज रोज सुबह घर से निकलकर कासगंज कार्यालय पहुंचती हैं. रोजना 150 किलोमीटर की दौड़ लेकिन न ठंड उन्हें रोकती है, न तपती धूप. उनका एक ही संकल्प है, किसी भी पात्र महिला को योजनाओं से वंचित न रहने देना. जिला प्रोबेशन कार्यालय में आने वाली महिलाओं के लिए वे अब सहारा और उम्मीद का प्रतीक बन चुकी हैं. हिना स्वयं दस्तावेजों का सत्यापन करती हैं, कंप्यूटर फीडिंग का पूरा कार्य संभालती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि हर पात्र महिला को समय पर पेंशन मिले.
उनकी कार्यशैली में ईमानदारी और संवेदनशीलता झलकती है. जब उन्होंने शुरुआत की थी, तब जिले में केवल करीब 8,000 महिलाएं निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ उठा रही थीं. लेकिन उनके अथक प्रयासों और लगन से सितंबर 2025 तक यह संख्या 26,928 तक पहुंच गई. साथ में योगी सरकार की और स्पॉन्सरशिप योजना के तहत बच्चों को योजना का लाभ दिलाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ रही हैं. यह उपलब्धि बताती है कि यदि निष्ठा और लगन हो, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. असली शक्ति शारीरिक सामर्थ्य में नहीं, बल्कि मनोबल और आत्मविश्वास की दृढ़ता में होती है.
हिना मानती हैं कि शारीरिक चुनौतियां इंसान की शक्ति को परिभाषित नहीं करतीं. वो कहती हैं कि “खुश रहने के लिए किसी सहारे की आवश्यकता नहीं होती, बस खुद पर भरोसा होना चाहिए.” उन्होंने अपने संघर्ष को ही अपनी शक्ति बनाया और आज हज़ारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखा रही हैं.
प्रदेश सरकार की ओर से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर केंद्रित है. हिना नाज का जीवन इस अभियान की सजीव तस्वीर है. उन्होंने यह साबित किया है कि महिला सशक्तीकरण केवल नीतियों और योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जमीनी स्तर पर महिलाओं की बदलती सोच और आत्मविश्वास से साकार होता है.
महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी हिना की मेहनत और सकारात्मक ऊर्जा हर एटा और कासगंज दोनों जिलों की महिलाओं को संबल देती है. उनके प्रयासों से प्रभावित होकर अब अन्य महिलाएं भी उनसे प्रेरणा लेती हैं और मार्गदर्शन प्राप्त करती हैं. आज हिना नाज़ न केवल कासगंज और एटा की ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं. वे यह सिखाती हैं कि यदि मन में सेवा की भावना और कार्य के प्रति निष्ठा हो, तो कोई भी कठिनाई रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती.
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(Udaipur Kiran) / दीपक