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Friday, 16 October 2026
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ऑपरेशन ‘ऑप्स खुलासा’ की बड़ी कामयाबी: ₹16 लाख की केबल चोरी का पर्दाफाश, 7 सदस्यीय गिरोह गिरफ्तार

जयपुर, 2 अक्टूबर (Udaipur Kiran News). संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑप्स खुलासा’ के तहत बाड़मेर ग्रामीण पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने सुरा सरहद क्षेत्र में स्थित एक विंड टॉवर से ₹16 लाख मूल्य की कॉपर केबल चोरी के मामले का खुलासा करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. चोरी में प्रयुक्त बिना नंबरी बोलेरो वाहन और चुराई गई तांबे की केबल भी बरामद कर ली गई है.

Jaisalmer Crime News

जिला Superintendent of Police नरेंद्र सिंह मीना के निर्देशन में, एएसपी जसाराम बोस और सीओ रमेश शर्मा की देखरेख में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर वारदात का पर्दाफाश किया.

पावर प्रोटेक्शन सिक्योरिटी सर्विस के सुपरवाइजर सतवीर सिंह राजपूत ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि 1 और 2 अक्टूबर की मध्यरात्रि में महादेव नगर नांद स्थित विंड टॉवर नंबर 172 पर अज्ञात चोरों ने अनाधिकृत प्रवेश कर ऊपर लगी कॉपर केबल काट ली और बोलेरो वाहन में भरकर ले गए.

सूचना मिलते ही पुलिस चौकी विशाला के एएसआई रामाराम ने त्वरित कार्रवाई शुरू की. थानाधिकारी राजूराम को तुरंत मौके पर रवाना किया गया.

नाकाबंदी में पकड़ा गया गिरोह

थानाधिकारी राजूराम ने कई टीमों का गठन कर नांद क्षेत्र से बाहर जाने वाले मार्गों पर नाकाबंदी करवाई और गहन तलाशी अभियान शुरू किया. इस दौरान सुरा सरहद में एक संदिग्ध बोलेरो वाहन को रोका गया. वाहन में सवार 7 संदिग्धों से पूछताछ की गई, जिन्होंने मिलकर विंड टॉवर से कॉपर केबल चोरी करने की वारदात स्वीकार कर ली.

पुलिस ने तुरंत सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर ₹16 लाख मूल्य की चुराई गई केबल और बोलेरो कैम्पर वाहन जब्त किया.

गिरफ्तार आरोपी

गिरोह के सदस्य पदम सिंह पुत्र आम्बसिंह (26), जुंझार सिंह पुत्र अनोपसिंह (31), हिंदु सिंह पुत्र चंदन सिंह (19), उम्मेद सिंह पुत्र किरत सिंह (26), कल्याण सिंह पुत्र दीपसिंह (20) (सभी निवासी म्याजलार, जैसलमेर), जुंझार सिंह पुत्र नरपत सिंह (20) (निवासी धोरीमन्ना) और भगाराम पुत्र शंभुराम (20) (निवासी पावड़ो का तला, धनाऊ) हैं.

पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह द्वारा की गई अन्य चोरियों और चोरी की गई संपत्ति के संभावित खरीदारों का पता लगाया जा सके.

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