अजमेर, 10 अक्टूबर (Udaipur Kiran News). अजमेर में समोसे में मृत जीव मिलने के एक मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने सख्त रुख अपनाया है. आयोग ने पुलिस लाइन स्थित गोपीनाथ कचोरी भंडार के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे 9 दिसंबर 2025 को आयोग के समक्ष पेश होने के आदेश दिए हैं.

जिला उपभोक्ता आयोग अजमेर के अध्यक्ष अरुण कुमावत, सदस्य जय शर्मा और दिनेश चतुर्वेदी ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं.
बालूपुरा रोड, आदर्श नगर निवासी हरि सिंह चौधरी ने एडवोकेट अमित गांधी के माध्यम से उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था. उन्होंने बताया कि 18 जुलाई 2025 को अपने मित्र अभिषेक परिहार के जन्मदिन पर पार्टी आयोजित की गई थी. इस अवसर पर वह अपने मित्र पवन कुमार के साथ नाश्ता, मिठाई और केक खरीदने बाजार गए, जहां उन्होंने गोपीनाथ कचोरी भंडार से 575 रुपये के समोसे और कचौरी खरीदे.
केक काटने के बाद जब नाश्ता परोसा गया, तो हरि सिंह ने जैसे ही समोसे का पहला निवाला लिया, उसमें काले रंग की वस्तु दिखाई दी. जांच करने पर वह एक मृत जीव निकला, जिसे देखकर प्रार्थी को उल्टी हो गई और पार्टी का माहौल बिगड़ गया.
प्रार्थी ने तुरंत इस घटना की शिकायत गोपीनाथ कचोरी भंडार के संचालक सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को की. स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई जांच में यह पुष्टि हुई कि समोसे में मिली काली वस्तु सड़ा हुआ मृत जीव था.
इसके बाद हरि सिंह चौधरी ने गोपीनाथ कचोरी भंडार को नोटिस भेजकर दूषित खाद्य पदार्थ बेचने से हुई मानसिक और शारीरिक पीड़ा के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की. हालांकि, नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया.
मामले की सुनवाई के बाद उपभोक्ता आयोग ने इसे प्रथम दृष्टया लापरवाही का मामला मानते हुए गोपीनाथ कचोरी भंडार को तलब किया है.