शिमला की वादियां सैलानियों से गुलजार, होटलों में बढ़ी ऑक्यूपेंसी

शिमला में सैलानी

शिमला, 26 अक्टूबर (Udaipur Kiran) . पहाड़ों की रानी शिमला में सैलानियों की आमद बढ़ रही है. लंबे समय बाद हिल स्टेशन की वादियों में फिर से रौनक लौट आई है. दिल्ली, Punjab, Haryana, चंडीगढ़ और आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक परिवारों और ग्रुपों के साथ शिमला पहुंच रहे हैं. मैदानी क्षेत्रों के स्कूलों में छुट्टियां होने के बाद भी शिमला घूमने वालों की आमद बढ़ रही है, जिससे शिमला की सड़कों पर दिनभर चहल-पहल बनी हुई है.

जानकारी अनुसार हिमाचल पर्यटन निगम के होटलों में इस वीकेंड पर करीब 60 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई है, जबकि पिछले सप्ताह यह केवल 40 प्रतिशत थी. इससे साफ है कि ठंड के मौसम की शुरुआत के साथ ही शिमला में पर्यटन गतिविधियां तेज हो गई हैं. पर्यटन निगम का कहना है कि आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है. कालका से शिमला और शिमला से कालका आने-जाने वाली टॉय ट्रेनें भी पूरी तरह भरी हुई हैं. वहीं, पिछले दो दिनों से पर्यटक वाहनों के लगातार पहुंचने से शहर की मुख्य सड़कों पर हल्के जाम की स्थिति भी बन रही है.

शिमला में पर्यटकों की आमद बढ़ने से होटल, रेस्तरां और दुकानदारों की कमाई में भी खासा इजाफा हुआ है. मालरोड, रिज, लक्कड़ बाजार इत्यादि सैलानियों से गुलजार हैं. इसी तरह शिमला से सटे पर्यटन स्थल कुफरी, मशोबरा और नारकंडा में भी पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है. यहां के व्यूप्वाइंट्स में सैलानी खूब आनंद ले रहे हैं.

फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र चंद ठाकुर ने बताया कि हाल में पहाड़ों पर हुई बर्फबारी और सुहावने मौसम ने पर्यटकों को शिमला आने के लिए आकर्षित किया है. उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह की तुलना में इस बार पर्यटकों की संख्या में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. ऑनलाइन होटल बुकिंग में भी तेजी आई है और कई होटलों में अगले कुछ दिनों तक के लिए पहले से ही बुकिंग आ रही है.

गजेंद्र ठाकुर ने बताया कि बरसात के महीनों में पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आई थी, लेकिन अब मौसम साफ होने और ठंड का एहसास बढ़ने के बाद सैलानी फिर से पहाड़ों की ओर लौट आए हैं. उनका कहना है कि आने वाले सप्ताहों में जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी, वैसे-वैसे शिमला और आसपास के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ और बढ़ेगी. इससे राज्य के पर्यटन कारोबार को बड़ा सहारा मिलेगा और स्थानीय लोगों की आमदनी में भी वृद्धि होगी.

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(Udaipur Kiran) / उज्जवल शर्मा

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