


कुछ देर के लिए रेल यातायात प्रभावित, एक घंटे खड़ी रही बरौनी गोंदिया जैतहरी में
अनूपपुर, 27 अक्टूबर (Udaipur Kiran) . मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन से Monday की सुबह गुजर रही थी मालगाड़ी से एक बड़ा हादसा टल गया. अम्बिकापुर से कटनी की ओर जा रही कोयले से भरी मालगाड़ी में अचानक आग उठने लगी जिससे हाई टेंशन लाइन छू जाने से जोरदार धमाका के साथ चिंगारियां निकलने लगी. इस दौरान कुछ देर के लिए ट्रेनें बाधित हुईं. इस घटना के बाद अधिकारी जांच की बात कह रहें हैं.
अम्बिकापुर से कटनी की ओर जा रही कोयले से भरी मालगाड़ी अनूपपुर रेलवे स्टेशन में अचानक आग उठने लगी जिससे हाई टेंशन लाइन छू जाने से जोरदार धमाका के साथ चिंगारियां निकलने लगी. इस दौरान कुछ देर के लिए ट्रेनें बाधित हुईं. इस दौरान जैतहरी, छुलहा और मौहरी रेलवे स्टेशनों पर कई ट्रेनों को रोका गया. घटना के समय प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर रीवा-चिरमिरी पैसेंजर ट्रेन खड़ी थी और यात्री भी आवागमन कर रहे था. मालगाड़ी दूसरी पटरी पर थी, जिससे कोई बड़ा जानमाल का नुकसान नहीं हुआ.
रेलवे सूत्रो के अनुसार मालगाड़ी में ओवरलोड जैसी समस्या नहीं हो सकती, क्योंकि हर जगह इसकी जांच होती है. कोयला वैसे भी ज्वलनशील है उसके अंदर कभी कभी धुंआ निकलने तथा चिंगारी जैसी स्थिति बनने से ओएचई केबल गल कर टूटने की संभावना व्यक्त की जा रही है.
प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों ने बताया कि विस्फोट इतना भयानक था कि काफी देर तक ट्रेन से चिंगारियां निकलती रहीं. रेलकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मालगाड़ी को प्लेटफॉर्म नंबर 4 के अतिरिक्त यार्ड में खड़ा कर दिया. घटना के बाद भी कुछ चिंगारियां निकलती देखी गईं और स्टेशन परिसर में बिजली के तार टूटकर पटरी पर गिर गए. जिससे यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया था.
ओवरलोड कैसे हुई, जांच कर रहा विभाग
वहीं एआरएम आर.एस मोहंती ने बताया कि मालगाड़ी अंबिकापुर से कोयला लेकर कटनी की तरफ जा रही थी. गाड़ी ओवरलोड होकर यार्ड से कैसे निकली, इसकी जांच की जा रही है. फिलहाल, लाइन की मरम्मत का काम चल रहा है.
एक घंटे खड़ी रही बरौनी गोंदिया एक्सप्रेस
हादसे के बाद बरौनी गोंदिया एक्सप्रेस को जैतहरी रेलवे स्टेशन पर रोका गया था. इसे एक नंबर प्लेटफार्म से एक घंटे की देरी से रवाना किया जा सका. रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस को अनूपपुर में ही एक घंटे तक खड़ा रखा गया. 3 मालगाड़ियां जैतहरी और अमलई में रोकी गई थीं.
(Udaipur Kiran) / राजेश शुक्ला