

चंपावत, 30 अक्टूबर (Udaipur Kiran) . चंपावत में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम-1989 के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए गुरुवार को एक बैठक आयोजित की गई. जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में यह जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक जिला कार्यालय सभागार में हुई. इसमें अधिनियम के उद्देश्यों की पूर्ति और पीड़ितों को समय पर राहत व न्याय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया.
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य एससी-एसटी समुदायों के खिलाफ अत्याचारों की रोकथाम, उनकी सुरक्षा, कानूनी संरक्षण और पुनर्वास सुनिश्चित करना है. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर कोई भेदभाव न हो और पीड़ितों को हरसंभव त्वरित सहायता प्रदान की जाए.
डीएम ने यह भी निर्देशित किया कि संबंधित विभाग जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू करें, ताकि इन समुदायों के लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. उन्होंने एससी-एसटी बहुल क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित कर उनकी मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश भी दिए.
जिला समाज कल्याण अधिकारी आर.एस. सामंत ने बैठक में अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की वर्तमान स्थिति प्रस्तुत की. उन्होंने जानकारी दी कि सभी पात्र मामलों में पीड़ितों को नियमानुसार आर्थिक सहायता की स्वीकृत राशि प्रदान की जा चुकी है.
इस बैठक में Superintendent of Police अजय गणपति, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी तनुजा वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
(Udaipur Kiran) / राजीव मुरारी