
जम्मू, 16 दिसंबर (Udaipur Kiran) . जम्मू और कश्मीर विधानसभा की लोक उपक्रम समिति (पीयूसी) की बैठक आज विधायक अली मोहम्मद सागर की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर में हुई. इस बैठक में सार्वजनिक उपक्रम विभाग (जेकेपीसीसी) से संबंधित लेखाExamination अनुच्छेदों पर चर्चा और विचार-विमर्श किया गया.
सीएजी की लेखाExamination रिपोर्ट के अनुच्छेद 7.1, 7.2 और 7.3 में उल्लिखित विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई. ये अनुच्छेद जम्मू और कश्मीर परियोजना निर्माण निगम (जेकेपीसीसी) से संबंधित हैं. जम्मू और कश्मीर के महालेखाकार त्सेवांग थारचिन ने लेखाExamination अनुच्छेदों के मुद्दों पर प्रकाश डाला. सार्वजनिक उपक्रम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल कुमार सिंह ने समिति को लेखाExamination अनुच्छेदों में उल्लिखित मुद्दों को हल करने के लिए उठाए जा रहे कदमों और विभाग की चल रही परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी. वित्त निदेशक (सार्वजनिक उपक्रम) और एमडी, जेकेपीसीसी ने जेकेपीसीसी की देनदारियों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी.
समिति के सदस्यों ने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए और लेखाExamination अनुच्छेदों के साथ-साथ विभाग के कामकाज से संबंधित अपने मुद्दे उठाए. अध्यक्ष ने सार्वजनिक क्षेत्र के सरकारी विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों से सभी चल रही परियोजनाओं को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया. उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उनके लेखाExamination और मूल्यांकन के महत्व पर भी बल दिया. समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया और संबंधित विभाग को जम्मू-कश्मीर पुलिस परिषद (जेकेपीसीसी) की देनदारियों को स्पष्ट करने के लिए एक लिखित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद लेखाExamination के अनुच्छेद 7.1 और 7.2 को रद्द कर दिया जाएगा. विधायक सैफुल्लाह मीर, बलदेव राज शर्मा, शक्ति राज परिहार, रणबीर सिंह पठानिया, डॉ. बशीर अहमद शाह वेरी, शौकत हुसैन गनी, सैफुद्दीन भट और तनवीर सादिक के अलावा जम्मू-कश्मीर विधानसभा सचिव मनोज कुमार पंडित भी बैठक में उपस्थित थे. संबंधित विभागों और विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे.
(Udaipur Kiran) / सुमन लता