
– किसी को इलाज, किसी को रोजगार, किसी को शिक्षा के लिए दी गई मदद
इन्दौर, 23 दिसम्बर (Udaipur Kiran) . मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में प्रति मंगलवार को आयोजित हो रही नियमित जनसुनवाई अब केवल शिकायत निवारण का मंच ही नहीं, बल्कि जनविश्वास और जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण बनती जा रही है. जनसुनवाई में आमजन अपनी समस्याओं के समाधान के साथ-साथ कलेक्टर शिवम वर्मा के प्रति आभार व्यक्त करने भी पहुंचने लगे हैं.
जनसुनवाई के दौरान रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आर्थिक सहायता से जुड़े मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की जा रही है. जनसुनवाई में आज लगभग 315 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश मामलों में तत्काल निर्णय लेते हुए संबंधित विभागों को मौके पर ही निराकरण निर्देश जारी किए गए. शेष प्रकरणों में समय-सीमा निर्धारित कर निराकरण की प्रक्रिया सतत रूप से जारी है.
जनसुनवाई में स्वास्थ्य संबंधी सहायता के कई उदाहरण सामने आए. पूर्व जनसुनवाई में आई एक वृद्ध महिला भारती बाई के इलाज और आवास की व्यवस्था कराई गई, इलाज के पश्चात स्वस्थ होकर वे पुनः आभार व्यक्त करने पहुंचीं. वृद्धा भारती बाई ने बताया कि विगत जनसुनवाई में मैंने कलेक्टर वर्मा को अपनी समस्या बताई थी. मैंने बताया था कि मैं बेसहारा हूँ. मैं बीमार हूँ. इलाज के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. कलेक्टर वर्मा ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तुरंत एम्बुलेंस से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुँचाया. सम्पूर्ण इलाज कराया. अब मेरे रहने की व्यवस्था भी करायी जा रही है. उक्त महिला ने Chief Minister डॉ. मोहन यादव के संवेदनशील प्रशासन और कलेक्टर वर्मा के प्रयासों की सराहना की और आभार व्यक्त किया.
इसी प्रकार गंभीर बीमारी से जूझ रही बालिका अनिका के माता-पिता भी कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त करने पहुँचे. उन्होंने बताया कि बालिका के इलाज पर 9 करोड़ रुपये खर्च होना है. कलेक्टर वर्मा के प्रयासों से बच्ची के इलाज और जीवन बचाने के लिए उम्मीद की नई रोशनी मिली है. शहरवासियों द्वारा सहयोग निरंतर मिल रहा है, जो इंदौर की जनभावना और सामाजिक संवेदनशीलता को दर्शाता है. आज बच्ची के इलाज के लिए कलेक्टर वर्मा के समक्ष विनय उजाला वेलफेयर सोसायटी द्वारा 2 लाख 77 हजार रुपये की मदद दी गई है. इस तरह शहरवासियों के सहयोग से तीन करोड़ रुपये से अधिक एकत्र हो गए हैं. अभी भी शहरवासियों से 6 करोड़ रुपये के सहयोग की अपेक्षा है.
इसी तरह जनसुनवाई में एक दिव्यांग अफजल अब्बासी को रोजगार के लिए 20 हजार रुपये की अगरबत्ती और बैग का सहयोग किया गया. एक अन्य दिव्यांग हरिनारायण जाधव को भी आवश्यक मदद दी गई. एक दिव्यांग के पैर का इलाज भी कराया जा रहा है.
जनसुनवाई में एक कॉलोनी में अवैध कब्जे तथा अवैध शराब के विक्रय से जुड़ी शिकायतों पर भी प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लिया गया है. संबंधित स्थलों का परीक्षण कराया जा रहा है तथा विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. बताया गया कि अवैध शराब विक्रय के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी वैधानिक जप्ती व दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी. सांवेर रोड़ी की एक कॉलोनी प्लॉट आवंटन से जुड़े मामलों में कॉलोनाईजर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया को समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए पुलिस के साथ समन्वय किया जा रहा है, ताकि पात्र हितग्राहियों को उनका अधिकार मिल सके.
जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, रोशन राय, रिंकेश वैश्य सहित अन्य अधिकारियों ने भी नागरिकों की समस्याएं सुनी और उनका समुचित निराकरण किया. Chief Minister डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में जिला प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े किसी भी योग्य प्रकरण में संसाधनों की कमी नहीं आए. जिले में जनसुनवाई के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और मानवीय समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है.
(Udaipur Kiran) / उम्मेद सिंह रावत