नाबालिग के दुष्कर्म व गर्भपात का मामला, अभियुक्त को 20 साल, भाई व भाभी को दस साल की सजा

दुष्कर्म एवं गर्भपात के मामले में न्यायालय ने मंगलवार को सजा सुनाई.

चित्तौड़गढ़, 23 दिसंबर (Udaipur Kiran) . विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट क्रमांक- एक चित्तौड़गढ़ ने नाबालिक से दुष्कर्म तथा गर्भपात कराने के मामले में सजा सुनाई हैं. कोर्ट ने अभियुक्त को 20 साल तथा इसके भाई व भाभी को दस-दस साल की सजा सुनाई है. अभियुक्त की मां के खिलाफ चालान लंबित है. वहीं गर्भपात कराने के आरोपित हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ Rajasthan हाईकोर्ट से सुनवाई पर स्टे है.

पोक्सो कोर्ट चित्तौड़गढ़ के विशिष्ट लोक अभियोजक गोपाल लाल जाट ने बताया कि चित्तौड़गढ़ कोतवाली थाने में 22 अप्रैल 2022 को एक पीड़िता की मां ने रिपोर्ट दी थी. इसमें बताया कि प्रार्थिया की नाबालिक पुत्री को अभियुक्त चित्तौड़गढ़ शहर के मोहर मगरी निवासी सुबराती उर्फ राजू पुत्र मोहम्मद शरीफ अपने घर चाय बनाने के बहाने से गया था. यहां नाबालिक के हाथ पैर बांध कर अभियुक्त ने दुष्कर्म किया. इस दौरान अभियुक्त ने पीड़िता के वीडियो भी बना लिए. बाद में भी अभियुक्त ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर बुलाया और दुष्कर्म किया था. इससे पीड़िता गर्भवती हुई तो परिवार वालों को घटना की जानकारी मिली. प्रार्थिया ने अभियुक्त सुबराती उर्फ राजू, इसकी मां अंजुम, बड़े भाई सद्दाम वह भाभी सिमरन को इसकी शिकायत की. उन्होंने नाबालिग का सुबराती के साथ निकाह कराने का आश्वासन दिया था. इसके बाद आरोपित पीड़िता को अपने घर आश्वासन देकर ले गए. यहां से अभियुक्त अपने साथ पीड़िता को लेकर Rajasthan हॉस्पिटल ले गए. यहां डॉक्टर के साथ मिल कर पीड़िता की जान की परवाह नहीं करते हुए छह माह का गर्भ गिरा दिया था. अभियुक्तों ने अपराध को छिपाने के लिए साक्ष्य को मिटाने का प्रयास किया. बाद में अभियुक्त ने निकाह से भी मना कर दिया था. पीड़िता ने पहले अपनी शिकायत Superintendent of Police चित्तौड़गढ़ को पेश की थी. Superintendent of Police के निर्देश पर कोतवाली थाना पुलिस प्रकरण दर्ज किया. अनुसंधान के बाद पोक्सो कोर्ट चित्तौड़गढ़ में चालान पेश किया. न्यायालय में प्रकरण की सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजन ने 14 गवाह तथा 40 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए.

मामले में विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो कोर्ट चित्तौड़गढ़ क्रमांक- एक की न्यायाधीश लता गौड़ ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त गणों को दोषी करार दिया. मामले में अभियुक्त सुबराती उर्फ राजू को धारा 376(3) आईपीसी में 20 वर्ष का कठोर कारावास, धारा 342 में 2 वर्ष का कारावास धारा, 315 में 10 वर्ष का कारावास, 5/ 6 पोक्सो एक्ट में 20 वर्ष का कठोर कारावास तथा कुल 1 लाख 35 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया. सद्दाम व उसकी पत्नी सिमरन को धारा 342 में 2 वर्ष तथा धारा 315 में 10 वर्ष का कठोर कारावास व प्रत्येक को जुर्माना प्रत्येक को 25 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है. न्यायालय ने पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत पीड़िता को दो लाख रुपये की राशि प्रदान करने का आदेश दिया. मामले में अभियुक्त राजू उर्फ सुबराती की मां अंजुम के खिलाफ चालान पेंडिंग रखा है, जो कि फरार है. विशिष्ठ लोक अभियोजक गोपाल लाल जाट ने बताया कि मामले Rajasthan हॉस्पिटल तथा डॉक्टर कामिल हुसैन का हाई कोर्ट का स्टे है, जिस पर फिलहाल सुनवाई नहीं हुई है.

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(Udaipur Kiran) / अखिल

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