
शिमला, 23 दिसंबर (Udaipur Kiran) . आईजीएमसी शिमला में इलाज करवाने आये एक मरीज के साथ डॉक्टर द्वारा मारपीट मामले को लेकर पीड़ित मरीज अर्जुन पंवार के परिजनों व चौपाल के कुपवी के लोगों ने मंगलवार को Superintendent of Police शिमला को लिखित शिकायत सौंपी है. शिकायत में आरोप लगाया है कि गंभीर श्वसन समस्या के चलते मरीज अर्जुन आईजीएमसी में भर्ती थे और ब्रॉन्कोस्कोपी प्रक्रिया के बाद डॉक्टरों ने उन्हें लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखने के निर्देश दिए थे. लेकिन इसी नाजुक हालत में आरोपित डॉक्टरों ने जानबूझकर मरीज की ऑक्सीजन पाइप को नुकसान पहुंचाया और नाक व छाती जैसे संवेदनशील हिस्सों पर हमला किया. इससे उनकी हालत और बिगड़ गई और उनकी जान को सीधा खतरा पैदा हो गया.
शिकायत में कहा गया है कि यदि इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड न हुआ होता तो पूरा मामला दबा दिया जाता, जबकि वीडियो से साफ होता है कि मरीज के साथ मारपीट की गई और ऑक्सीजन सप्लाई बाधित की गई. शिकायत में अर्जुन पंवार के हवाले से यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के तुरंत बाद डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ ने वीडियो डिलीट कराने और मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की, जो साक्ष्य नष्ट करने की मंशा को दर्शाता है.
शिकायत में कहा गया है कि इस पूरे मामले में केवल एक डॉक्टर ही नहीं, बल्कि अन्य अस्पताल कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है और सभी किसी न किसी रूप में घटना को छिपाने की कोशिश में शामिल रहे.
पीड़ित ने पुलिस से मांग की है कि सभी संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ की भूमिका की गहन और निष्पक्ष जांच की जाए, वीडियो और अन्य साक्ष्यों को जब्त कर सुरक्षित रखा जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.
—————
(Udaipur Kiran) / उज्जवल शर्मा