नेपाल : रवि लामिछाने–बालेन शाह की मुलाकात से राजनीतिक गठजोड़ की अटकलें तेज

बैठक के बाद साथ में एक ही गाड़ी पर बाहर निकलते रवि लामिछाने और बालेन शाह

काठमांडू, 23 दिसंबर (Udaipur Kiran) . नेपाल में हाल ही में कैद से निकले राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रवि लामिछाने और काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बालेन शाह के बीच बीती रात हुई मुलाकात के बाद आगामी आम चुनाव में दोनों नेताओं के बीच भविष्य में राजनीतिक सहयोग की संभावनाओं को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.

सूत्रों के अनुसार यह मुलाकात पूर्व सांसद एवं आरएसपी केंद्रीय समिति सदस्य आसिम शाह के निवास पर हुई. यह ऐसे समय में हुई है जब हिरासत से रिहा होने के बाद रवि लामिछाने की राजनीतिक सक्रियता बढ़ी है, जिससे आगामी चुनावों को लेकर उनकी रणनीति और संभावित गठबंधनों पर जिज्ञासा और बढ़ गई है.

मुलाकात के बाद आसिम शाह ने सोशल मीडिया पर इसे “कहानी की एक सुखद शुरुआत” बताते हुए साझा किया. उन्होंने इसे दो भाइयों के पुनर्मिलन के रूप में वर्णित किया और कहा कि यह केवल व्यक्तिगत मुलाकात नहीं, बल्कि उस आशा का संगम है जिसकी देश लंबे समय से तलाश कर रहा है. उन्होंने नेपाली जनता को बधाई भी दी, जिससे इस मुलाकात के राजनीतिक अर्थ और गहरे हो गए.

हालांकि आसिम शाह ने बातचीत के विवरण सार्वजनिक करने से इनकार किया, लेकिन उन्होंने कहा कि इस बैठक का व्यापक महत्व है. उनका कहना था, “आखिरकार, कहानी की शुरुआत सकारात्मक रही है. यह केवल व्यक्तियों की बात नहीं, बल्कि उस उम्मीद की है जिसकी देश को जरूरत है.”

सूत्रों के अनुसार रवि लामिछाने और बालेन शाह ने करीब पांच घंटे साथ बिताए. यह बैठक Monday रात करीब 8 बजे शुरू होकर देर रात लगभग 1 बजे तक चली. चर्चा में आरएसपी के उपाध्यक्ष डीपी आर्याल भी मौजूद थे, जबकि मेयर शाह की ओर से उनके सलाहकार कुमार बेन शामिल हुए.

लंबी बैठक के बावजूद न तो आरएसपी और न ही मेयर शाह की टीम ने आधिकारिक तौर पर एजेंडा या नतीजों का खुलासा किया है. हालांकि सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों और वीडियो में लामिछाने और शाह को एक ही वाहन में स्थल से निकलते देखा गया.

मुलाकात के मेजबान आसिम शाह, विघटित प्रतिनिधि सभा के समानुपातिक सांसद रह चुके हैं और आरएसपी के प्रमुख नेता हैं. पूर्व फिल्म निर्देशक रहे शाह मुस्लिम समुदाय से आते हैं.

पारंपरिक पार्टी ढांचे से इतर वैकल्पिक राजनीतिक शक्तियों और नेतृत्व में बढ़ती जन-रुचि के बीच इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि रवि लामिछाने और बालेन शाह दोनों ने बातचीत की सामग्री पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन मुलाकात का समय और उसका प्रतीकात्मक महत्व इसे नेपाल की बदलती राजनीतिक परिदृश्य में तीव्र बहस का विषय बनाए हुए है.

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(Udaipur Kiran) / पंकज दास

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