
जयपुर, 23 दिसंबर (Udaipur Kiran) . जिला उपभोक्ता आयोग, जयपुर-प्रथम ने मैच्योरिटी अवधि पूरी होने के बाद भी ग्राहक को एफडी राशि का भुगतान नहीं करने को सेवा दोष मानते हुए सहारा इंडिया व सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी पर 50 हजार रुपए हर्जाना लगाया है. वहीं एफडी की राशि 39.18 लाख रुपए 14 जुलाई 2020 से ब्याज सहित परिवादिया को देने का निर्देश दिया है. आयोग के अध्यक्ष डॉ. सूबे सिंह यादव ने यह आदेश मंजू गोयल के परिवाद पर दिए.
परिवाद में अधिवक्ता दीपक ने बताया की परिवादिया ने विपक्षी की कंवर नगर ब्रांच में 14 जुलाई 2012 को 50-50 हजार रुपए की तीस एफडी करवाई. इनकी कुल राशि 15 लाख रुपए और मैच्योरिटी अवधि 96 महीने की थी, यह 14 जुलाई 2020 को पूरी होनी थी. इसके बाद परिवादिया को 39.18 लाख रुपए मिलनी थी. लेकिन परिवादिया को एफडी की राशि नहीं दी गई. उसने स्थानीय कंवर नगर ब्रांच में संपर्क किया तो उसे लखनऊ ऑफिस में पता करने के लिए कहा. परिवादिया लखनऊ ऑफिस भी गई, लेकिन विपक्षी कंपनी के ऑफिस के कई चक्कर काटने के बाद भी उसकी एफडी की जमा राशि उसे नहीं दी. जिस पर परिवादिया ने विपक्षीगण के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग, जयपुर-प्रथम में परिवाद दायर कर कंपनी से हर्जा-खर्चा सहित जमा राशि दिलवाने का आग्रह किया. जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने ब्याज सहित राशि देने के आदेश देते हुए पचास हजार रुपए का हर्जाना भी लगाया है.
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(Udaipur Kiran)