
कुल्लू, 23 दिसंबर (Udaipur Kiran) . Himachal Pradesh राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने मंगलवार को सैंज क्षेत्र में घटित अनुसूचित जाति की महिला से जुड़े मर्डर एवं दुराचार मामले की सुनवाई बहुउद्देश्यीय भवन सैंज में की. सुनवाई की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने की. इस अवसर पर आयोग के सदस्य (अधिवक्ता) दिग्विजय मल्होत्रा तथा सदस्य सचिव विनय मोदी भी उपस्थित रहे. आयोग ने मामले से संबंधित सभी पहलुओं की गहन समीक्षा करते हुए पीड़ित परिवार के सदस्यों से विस्तारपूर्वक बातचीत की.
सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग का गठन अनुसूचित जाति समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है और आयोग पूरी प्रतिबद्धता के साथ इनके अधिकारों की सुरक्षा हेतु कार्य कर रहा है.
उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा की गई अलग-अलग स्तर की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इस मामले में पुलिस जांच के दौरान लापरवाही बरती गई तथा तथ्यों को दबाने (लीपापोती) के संकेत भी मिले हैं. अध्यक्ष ने कहा कि प्रारंभिक पुलिस जांच संदेह के घेरे में है. इस मामले में संबंधित थाने के तत्कालीन एसएचओ को निलंबित कर दिया गया है तथा आयोग द्वारा तत्कालीन Superintendent of Police (एसपी) और उप Superintendent of Police (डीएसपी) की विभागीय जांच की सिफारिश भी की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि Chief Minister सुखविंदर सिंह सुक्खू एवं प्रदेश सरकार इस प्रकार की घटनाओं को लेकर गंभीर और चिंतित हैं तथा समाज में अनुसूचित जातियों एवं अन्य पिछड़े वर्गों के प्रति व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे.
कुलदीप धीमान ने कहा कि इस मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा न केवल केस तैयार करने में बल्कि साक्ष्य एकत्र करने और जांच प्रक्रिया में भी गंभीर लापरवाही बरती गई. अध्यक्ष ने इस घटना को अत्यंत दुखद और शर्मनाक बताते हुए कहा कि सैंज क्षेत्र में अनुसूचित जाति की महिला के साथ घटित यह घटना मानवता को झकझोर देने वाली है.
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(Udaipur Kiran) / जसपाल सिंह