पुलिस लाठीचार्ज काे लेकर ममता सरकार पर बरसे शुभेंदु अधिकारी

शुभेंदु

कोलकाता, 23 दिसंबर (Udaipur Kiran) . West Bengal विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को Indian जनता पार्टी के West Bengal मुख्यालय से मीडिया को संबोधित करते हुए राज्य की मौजूदा स्थिति और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों को लेकर गंभीर आरोप लगाए.

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कोलकाता स्थित बांग्लादेश उच्चायोग तक एक हिंदू संगठन द्वारा आयोजित रैली पूरी तरह गैर-राजनीतिक थी. इसके बावजूद बेकबागान थाना पुलिस ने निर्दयता से लाठीचार्ज किया, जिसमें कई हिंदू प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. उन्होंने बताया कि वह स्वयं और उनकी एक स्वयंसेवी टीम पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पुलिस ने तीन हिंदू प्रदर्शनकारियों प्रणति रॉय, सौर्यदीप चक्रवर्ती और नकुल भट्टाचार्य को हिरासत में लिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ हिंदू पहचान और भगवा झंडा उठाने के कारण कार्रवाई की गई.

बांग्लादेश की स्थिति पर शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि वहां इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं के खिलाफ नरसंहार जैसी स्थिति बनाई जा रही है. उन्होंने दीपु चंद्र दास नामक एक हिंदू युवक का जिक्र करते हुए कहा कि उसे बेरहमी से पीटा गया, पेड़ से बांधा गया और जिंदा जला दिया गया. इस पूरी घटना को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया. उन्होंने दावा किया कि वायरल वीडियो में देखा गया है कि स्थानीय पुलिस ने दीपु चंद्र दास को कट्टरपंथियों के हवाले कर दिया.

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि दीपु चंद्र दास ने मोहम्मद यूनुस प्रशासन की पुलिस के सामने जीवन की भीख मांगी थी, जबकि उसके खिलाफ किसी भी धर्म के विरुद्ध टिप्पणी करने का कोई प्रमाण नहीं है. उन्होंने इसे केवल धार्मिक उन्माद का नहीं, बल्कि मोहम्मद यूनुस प्रशासन की पूर्ण विफलता बताया. इस घटना के विरोध में देश और दुनिया भर में हिंदुओं और मानवता में विश्वास रखने वाले लोगों ने प्रदर्शन किया है. दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में गैर-राजनीतिक संगठनों और आम नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया.

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेश उच्चायोग के सामने हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और सड़क से गुजरने वाले लोगों ने भी समर्थन जताया.

कोलकाता में लाठीचार्ज को लेकर उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि मोहम्मद यूनुस और ममता बनर्जी की कार्यशैली में कोई अंतर नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि West Bengal सरकार हिंदू विरोधी है और कोलकाता पुलिस को मुस्लिम लीग और जमात की पुलिस में बदल दिया गया है.

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हिंदुओं की एकजुटता से Chief Minister ममता बनर्जी घबरा गई हैं और इसी डर के कारण पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर हमला करने का आदेश दिया गया. उन्होंने दावा किया कि मुर्शिदाबाद और बांग्लादेश की घटनाओं में फर्क केवल स्थान का है, एजेंडा एक ही है. हरगोबिंद दास और चंदन दास की हत्या (मुर्शिदाबाद हिंसा) तथा दीपु चंद्र दास पर हमले की घटनाओं को उन्होंने एक ही सोच का परिणाम बताया.

उन्होंने आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद मामले में पुलिस केवल चार्जशीट दाखिल कर औपचारिकता निभा रही है. शुभेंदु अधिकारी ने यह भी दावा किया कि लाठीचार्ज में शामिल कई पुलिसकर्मियों की पहचान की जाएगी और हाल के वर्षों में फर्जी ओबीसी प्रमाणपत्र के जरिए नौकरी पाने वालों की भी जांच होनी चाहिए.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भगवा वस्त्र पहने साधु-संतों, जिनमें लालबाबा महाराज भी शामिल हैं, को भी बेरहमी से पीटा गया, जबकि वे निहत्थे थे. इससे साफ है कि पुलिस कानून के अनुसार नहीं, बल्कि किसी छिपे एजेंडे के तहत काम कर रही है.

शुभेंदु अधिकारी ने ऐलान किया कि बांग्लादेश-West Bengal सीमा पर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर को वह बांग्लादेश के उच्चायुक्त से मुलाकात की मांग करेंगे और सभी हिंदुओं से अपील की कि वे एकजुट होकर 26 दिसंबर के विरोध प्रदर्शन में शामिल हों.

घायलों से मिलने पहुंचे अस्पताल प्रेस कांफ्रेंस के बाद नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी सीधे उस अस्पताल पहुंचे जहां पुलिस के हमले में घायल कार्यकर्ता भर्ती हैं. उन्होंने घायलों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया. अधिकारी ने डॉक्टरों से मुलाकात कर यहां भर्ती लोगों की बेहतर चिकित्सा का अनुरोध किया है.

(Udaipur Kiran) / ओम पराशर

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