
ब्यावर, 24 दिसंबर (Udaipur Kiran) . ब्यावर से Indian जनता पार्टी से विधायक शंकर सिंह रावत की बेटी और आरएएस-2018 बैच की अधिकारी नायब तहसीलदार कंचन सिंह चौहान को एपीओ (पदस्थापन की प्रतीक्षा में) कर दिया गया है. राजस्व मंडल ने मंगलवार शाम को प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए इसके आदेश जारी किए.
आदेश के अनुसार कंचन सिंह चौहान अब अपनी उपस्थिति राजस्व मंडल अजमेर में देगी. इससे पहले वे भीलवाड़ा जिले की करेडा तहसील में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात थीं.
कंचन चौहान के चयन के बाद उन पर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति पाने के गंभीर आरोप लगे थे. इस संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा Chief Minister और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) को शिकायत दी गई थी. राज्य सरकार ने मामले की जांच एसओजी को सौंपी थी, हालांकि अब तक एसओजी की जांच रिपोर्ट राजस्व मंडल प्रशासन को नहीं भेजी गई है.
शिकायत के बाद राजस्व मंडल ने पिछले पांच वर्षों में दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति पाने वाले सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेज की पुनः जांच करवाई थी. इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों के दस्तावेज फर्जी पाए गए थे, जिसके बाद यह मामला और गंभीर हो गया.
ब्यावर निवासी फणीश कुमार सोनी ने 12 अगस्त 2025 को कंचन सिंह चौहान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में नवोदय विद्यालय और उदयपुर विश्वविद्यालय से प्राप्त उनके शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई थी. साथ ही यह भी मांग रखी गई कि कंचन चौहान का पुनः मेडिकल परीक्षण कराया जाए और इसके लिए किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाए.
शिकायतकर्ता ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. आरोप है कि जिस डॉक्टर ने कथित रूप से फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाया, वह अब स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुका है.
(Udaipur Kiran) / रोहित