
रायपुर, 23 दिसंबर (Udaipur Kiran) . रायपुर पुलिस ने Jharkhand से लाए गए कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह को चार दिन की रिमांड पर लिया है. पुलिस अब उससे तेलीबांधा स्थित पीआरए कंपनी शूटआउट सहित अन्य आपराधिक मामलों में पूछताछ करेगी.
Jharkhand एटीएस के 15 सशस्त्र जवान मयंक सिंह को लेकर बुधवार को रायपुर पहुंचे. तेलीबांधा थाना पुलिस के प्रोडक्शन वारंट पर Jharkhand पुलिस उसे रायपुर लाई और गंज थाना स्थित क्राइम ब्रांच मुख्यालय में पेश किया गया. इसके बाद मयंक को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां सुनवाई के बाद न्यायालय ने उसे 4 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया.
उल्लेखनीय है कि, मयंक सिंह तेलीबांधा शूटआउट मामले में लंबे समय से वांटेड था. वह अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का अहम सदस्य है और लॉरेंस–अमन साव गैंग के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता था. मयंक वर्तमान में Jharkhand जेल में बंद था. जुलाई 2024 में रायपुर के तेलीबांधा स्थित रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी पीआरए के कार्यालय में अमन साव गिरोह के बदमाशों ने फायरिंग की थी. इस मामले में रायपुर पुलिस ने दिल्ली, Punjab, Jharkhand सहित अन्य राज्यों से अमन साव गिरोह के 14 आरोपितों को गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल रायपुर जेल में बंद हैं. आरोपितों ने पीआरए कंपनी से 85 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी. इस केस में अमन साव को भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन रांची ले जाते समय Jharkhand पुलिस के एटीएस एनकाउंटर में वह मारा गया. वहीं मयंक सिंह को इंटरपोल की मदद से अजरबैजान से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे भारत लाकर आज बुधवार को रायपुर लाया गया.
पुलिस के अनुसार रिमांड के दौरान मयंक से शूटआउट, फिरौती नेटवर्क और गिरोह के अन्य सदस्यों को लेकर अहम जानकारियां मिल सकती है.
एसपी क्राइम संदीप मित्तल ने बताया कि, “मयंक के खिलाफ रंगदारी, हत्या और जबरन वसूली के 50 से अधिक मामले हैं. अमन साव का एनकाउंटर के बाद उसने गैंग को ऑपरेट किया. पूछताछ से नेटवर्क उजागर होगा.”
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(Udaipur Kiran) / गायत्री प्रसाद धीवर