डिजिटल मंचों के भ्रामक तरीकों से जुड़ी उपभोक्ता शिकायतों का हो रहा निपटानः प्रल्हाद जोशी

कार्यक्रम को संबोधित करते केंद्रीय उपभोक्ता, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी
कार्यक्रम को संबोधित करते केंद्रीय उपभोक्ता, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी

नई दिल्‍ली, 24 दिसंबर (Udaipur Kiran) . केंद्रीय उपभोक्ता, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को कहा कि उनका मंत्रालय ई-कॉमर्स एवं डिजिटल प्‍लेटफॉर्म पर उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले ‘डार्क पैटर्न’ से जुड़ी शिकायतों का सक्रिय रूप से निपटान कर रहा है.

प्रल्हाद जोशी ने नई दिल्‍ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस, 2025 कार्यक्रम को सबोधित करते हुए यह बात कही. इस मौके पर केंदीय उपभोक्ता मंत्री ने कई हाई-इम्पैक्ट वाले उपभोक्ता-केन्‍द्रित डिजिटल, रेगुलेटरी और जागरूकता पहलों की शुरुआत की.

जोशी ने अपने संबोधन में कहा, “हर दिन कोई नया डार्क पैटर्न सामने आता है, और हम इसे तुरंत संभालते हैं. उन्‍होंने कहा कि कंपनियां भी ग्राहकों को लुभाने के लिए नए तरीके लाती रहती हैं, लेकिन हमारा विभाग बहुत सक्रिय है.” मंत्री ने राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर Indian मानक ब्यूरो (बीआईएस) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मंत्रालय की सचिव निधि खरे और उनकी टीम को उपभोक्ता शिकायतों के सफल निपटान के लिए बधाई दी.

‘डिजिटल न्याय के माध्यम से प्रभावी और त्वरित निपटान’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनवरी, 2025 में शुरू हुए डिजिटल मंच ‘ई-जागृति’ पर अब तक 1.4 लाख से अधिक मामले दर्ज और निपटाए जा चुके हैं. जिला उपभोक्ता विवाद निपटान आयोगों ने 1.19 लाख से अधिक मामले दर्ज किए है, जबकि 1.20 लाख से अधिक मामलों का निपटान किया. पांच महीनों के भीतर 4,300 से अधिक मामलों का समाधान किया गया.

उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने जारी एक बयान में बताया कि राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 2025 का विषय “डिजिटल न्याय के जरिए कुशल और त्वरित निपटान” है. मंत्रालय ने 30 नवंबर, 2023 को दिशानिर्देश जारी कर 13 तरह के डार्क पैटर्न को चिह्नित किया था, ताकि ऐसी अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोका और नियंत्रित किया जा सके. इनमें सब्सक्रिप्शन लेने के लिए बहलाना-फुसलाना और झुंझलाने वाले अलर्ट लगातार भेजते रहने जैसे तरीके शामिल हैं.

उल्‍लेखनीय है कि डार्क पैटर्न का इस्तेमाल डिजिटल मंचों या वेबसाइट पर उपयोगकर्ताओं को भ्रम में डालने, किसी अनचाही गतिविधि के लिए प्रेरित करने या अनचाहे निर्णय लेने के लिए मजबूर करने के लिए किया जाता है.

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(Udaipur Kiran) / प्रजेश शंकर

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