
लखनऊ, 24 दिसंबर (Udaipur Kiran) . Chief Minister योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में Uttar Pradesh सरकार ने साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति दी है. कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सरकार का फोकस नवाचार उद्यमिता और आत्मनिर्भरता पर है. इसी सोच के अनुरूप केंद्र सरकार की निधि योजना का प्रभाव Uttar Pradesh में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है. विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप्स, खासकर महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए प्रदेश में एक सकारात्मक और भरोसेमंद वातावरण तैयार हुआ है. Chief Minister योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का लक्ष्य Uttar Pradesh को केवल श्रम शक्ति का नहीं बल्कि उद्यम शक्ति का केंद्र बनाना है.
निधि कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2016 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने की थी. इस योजना का उद्देश्य प्रारंभिक चरण के विज्ञान एवं तकनीक आधारित स्टार्टअप्स को वित्तीय और संस्थागत सहायता देना है. योजना के अंतर्गत देश में कुल 714 महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स सहायता दी जा चुकी है. वर्ष 2017-18 में 23 महिला स्टार्टअप्स को सहायता मिली, वर्ष 2023-24 में 152, 2024-25 में 140 और वर्ष 2025-26 में 84 महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को समर्थन दिया गया.
महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स में Uttar Pradesh की मजबूत भागीदारी
निधि कार्यक्रम के अंतर्गत देश भर में महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को शुरुआती स्तर पर सहायता दी जा रही है. इस राष्ट्रीय पहल में Uttar Pradesh ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. प्रदेश में 25 महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को निधि योजना के तहत वित्तीय और तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ है. यह इस बात का संकेत है कि प्रदेश की महिलाएं अब केवल रोजगार की तलाश में नहीं हैं बल्कि रोजगार देने वाली उद्यमी बनने की दिशा में आगे कदम बढ़ा रही है. योगी सरकार की स्टार्टअप नीति और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं ने इस बदलाव को गति दी है.
टीबीआई और आईटीबीआई से प्रदेश में नवाचार को मिला संबल
Uttar Pradesh में निधि प्रौद्योगिकी व्यापार इनक्यूबेटर (टीबीआई) और समावेशी प्रौद्योगिकी व्यापार इनक्यूबेटर (आईटीबीआई) की स्थापना योगी सरकार के विकास मॉडल की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. प्रदेश में 7 टीबीआई और आईटीबीआई स्थापित किए गए हैं, जो महिला स्टार्टअप्स के लिए मार्गदर्शन का केंद्र बन रहे हैं. इन इनक्यूबेटरों के माध्यम से महिलाओं को तकनीकी सलाह, व्यवसायिक रणनीति, बौद्धिक संपदा अधिकार, कानूनी और नियामक सहयोग प्रदान किया जा रहा है. इसका लाभ यह हुआ है कि छोटे शहरों और कस्बों की महिलाएं भी अब नवाचार आधारित उद्यम शुरू करने का साहस कर पा रही हैं, यह योगी आदित्यनाथ सरकार के विज़न से ही संभव हो पा रहा है.
टियर वन और टियर टू शहरों में हो रहा है उद्यमिता का विस्तार
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि Chief Minister योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे. इसी सोच के अंतर्गत टियर वन और टियर टू स्तर के शहरों में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है. Uttar Pradesh के कई ऐसे जिले हैं जो पहले उद्यमिता के मानचित्र पर नहीं थे, अब धीरे-धीरे स्टार्टअप गतिविधियों के केंद्र बन रहे हैं. निधि योजना से जुड़े इनक्यूबेटर इन क्षेत्रों में स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है.
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(Udaipur Kiran) / दीपक