राहुल गांधी ने कुलदीप सेंगर को मिली जमानत को बताया निराशाजनक

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने 5 दिवसीय जर्मनी दौरे के दौरान Indian  जनता पार्टी पर Indian  संविधान की मूल भावना को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान में निहित समान अधिकार, राज्यों की समानता, भाषाई विविधता और धार्मिक समानता के विचार को समाप्त करना चाहती है. राहुल गांधी ने बर्लिन स्थित हर्टी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्रों से संवाद करने का Monday रात लगभग एक घंटे का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया. इस वीडियो में राहुल गांधी ने लोकतंत्र, संस्थाओं और वैश्विक हालात पर अपने विचार रखे. राहुल गांधी ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर पा रही हैं और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी एजेंसियों का राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग किया जा रहा है. इन एजेंसियों की कार्रवाई मुख्य रूप से विपक्षी नेताओं के खिलाफ होती है, जबकि भाजपा नेताओं पर मामलों का अभाव दिखाई देता है. कांग्रेस की लड़ाई केवल भाजपा से नहीं, बल्कि संस्थागत ढांचे और एजेंसियों पर कथित कब्जे के खिलाफ भी है. चुनावी प्रक्रिया को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने तेलंगाना और Himachal Pradesh के चुनाव जीते हैं और Haryana चुनाव में भी पार्टी को जीत का भरोसा है. उन्होंने दावा किया कि Haryana की मतदाता सूची में एक विदेशी महिला का नाम पाए जाने का मुद्दा उठाया गया, लेकिन चुनाव आयोग की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला. राहुल गांधी ने Maharashtra के चुनावों की निष्पक्षता पर भी सवाल किए. राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. पहले भारत को अमेरिका के प्रभुत्व वाली वैश्विक व्यवस्था से लाभ मिला, लेकिन अब अमेरिका की सैन्य, आर्थिक और वित्तीय शक्ति को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और आंतरिक समस्याएं भी बढ़ी हैं. वैश्विक उत्पादन का बड़ा हिस्सा चीन के पास चला गया है, जिससे भारत जैसे देशों के लिए केवल सेवा क्षेत्र के आधार पर बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करना कठिन हो गया है. राहुल गांधी ने कहा कि भारत में व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन के लिए विनिर्माण क्षेत्र का मजबूत होना आवश्यक है. भाजपा सरकार ने कुछ बड़े उद्योग समूहों को प्राथमिकता दी, जिससे व्यापार पर जोर बढ़ा और उत्पादन प्रभावित हुआ. नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर जैसी नीतियों से छोटे और मध्यम उद्योगों को नुकसान पहुंचा, जिसका सीधा असर रोजगार पर पड़ा. राहुल गांधी ने मौजूदा स्थिति को भारत के दो विचारधारात्मक दृष्टिकोणों के बीच संघर्ष बताया. उन्होंने कहा कि एक दृष्टिकोण मजबूत नेता के केंद्रीकृत शासन में विश्वास करता है, जबकि दूसरा संवाद, सहमति और देश की विविधता को साथ लेकर चलने पर आधारित है. भारत इतना बड़ा और विविध देश है कि उसका भविष्य किसी एक व्यक्ति द्वारा तय नहीं किया जा सकता. संविधान भारत को राज्यों का संघ मानता है, लेकिन मौजूदा सरकार इस पर व्यापक चर्चा के लिए तैयार नहीं है.

New Delhi, 24 दिसंबर (Udaipur Kiran) . लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा पाए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से मिली जमानत को निराशाजनक बताया है.

राहुल गांधी ने महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना के एक्स पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा कि क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है. क्या उसकी गलती सिर्फ इतनी है कि वह न्याय के लिए अपनी आवाज उठा रही है. जब अपराधी को जमानत मिलती है और पीड़िता को अपराधियों जैसा व्यवहार झेलना पड़ता है, तो यह न्याय नहीं बल्कि अन्याय है.

उन्नाव दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सेंगर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने चार शर्तों के साथ जमानत दी है. हालांकि अभी सेंगर जेल में ही रहेगा, क्योंकि दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में भी 10 साल की सजा हुई थी. इस मामले में उसकी जमानत याचिका पर 28 दिसंबर को फैसला आना है.

उल्लेखनीय है कि सेंगर को ट्रायल कोर्ट ने 2019 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी. छह साल से अधिक समय बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को उन्हें सशर्त जमानत दी. फैसले के विरोध में पीड़िता, उसकी मां और सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने इंडिया गेट पर धरना दिया, जिन्हें देर रात दिल्ली पुलिस ने वहां से हटा दिया था.

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(Udaipur Kiran) / प्रशांत शेखर

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