कड़ाके की ठंड में सतर्कता अनिवार्य, डॉ. सुधांशु शेखर मिश्रा ने दी स्वास्थ्य संबंधी सलाह

डॉ सुधांशु शेखर मिश्रा

सारण, 24 दिसंबर (Udaipur Kiran) . कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त- व्यस्त हो गया है. गिरते तापमान और हाड़ कंपा देने वाली ठिठुरन को देखते हुए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है. उत्तर- पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण आने वाले समय में पारे में और भी गिरावट दर्ज की जा सकती है.

बढ़ती ठंड ने बच्चे, बूढे एवं बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है. एम्स के पूर्व चिकित्सक डॉ सुधांशु शेखर मिश्रा ने (Udaipur Kiran) से विशेष बातचीत में बताया कि गिरते पारे के साथ ही अस्पतालों में ब्लड प्रेशर, अस्थमा और हृदय संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है. डॉ सुधांशु शेखर मिश्रा के अनुसार सर्दियों में ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. सबसे खतरनाक बात यह है कि जो दवाएं बीपी के मरीज को गर्मियों में राहत देती थी वे इस कड़ाके की ठंड में नाकाफी साबित हो सकती हैं. रक्तचाप (बीपी) का अचानक बढ़ना ब्रेन हैमरेज, स्ट्रोक या हार्ट अटैक का मुख्य कारण बन सकता है. अस्थमा और सीओपीडी (सीओपीडी) के मरीजों के लिए यह मौसम सबसे चुनौतीपूर्ण होता है.

डॉ सुधांशु शेखर मिश्रा ने ठंड से बचने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए. जिनमें कुछ प्रमुख है- भोजन में अदरक, लहसुन, काली मिर्च और तुलसी का प्रयोग बढ़ाएं. ये प्राकृतिक जड़ी- बूटियां शरीर को अंदरूनी गर्मी प्रदान करती हैं. लोग अक्सर ठंड में पानी पीना कम कर देते हैं, जिससे खून गाढ़ा होने का खतरा रहता है. शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए गुनगुना पानी और गर्म सूप का निरंतर सेवन करें. घर से बाहर निकलते समय सिर और कान को ढंकना अनिवार्य है, क्योंकि शरीर की अधिकतम ऊष्मा इन्हीं हिस्सों से बाहर निकलती है. घर के अंदर ही व्यायाम, योग या मसाज करें ताकि रक्त संचार बना रहे. हृदय रोगी और बुजुर्ग हर हफ्ते अपना ब्लड प्रेशर चेक करें. यदि रीडिंग सामान्य से अधिक आ रही है तो खुद दवा न बदलें बल्कि तुरंत डॉक्टर से मिलकर डोज एडजस्ट करवाएं.

डॉ सुधांशु शेखर मिश्रा ने बताया कि बच्चें, बूढे और बीमारी से जुझ रहे मरीजों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए इन्हें सुबह जल्दी या देर रात की ठंड में बाहर न जाने दें. कमरे के तापमान को सामान्य बनाए रखें और पर्याप्त धूप निकलने पर ही घर से बाहर निकलें. क्योंकि इस ठंड के मौसम में आपकी जागरूकता ही आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है.

(Udaipur Kiran) / धनंजय कुमार

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