एसआईआर में उत्पीड़न का आरोप, आरामबाग बीडीओ कार्यालय का घेराव कर तृणमूल का प्रदर्शन

बीडीओ कार्यालय के बाहर टीएमसी का विरोध प्रदर्शन

हुगली, 30 दिसंबर (Udaipur Kiran) . विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को आरामबाग बीडीओ कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया. एसआईआर नोटिस की सुनवाई के दौरान ही तृणमूल के राज्य सचिव स्वपन नंदी के नेतृत्व में पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक आरामबाग बीडीओ कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी.

प्रदर्शन के दौरान तृणमूल नेताओं ने एसआईआर की सुनवाई प्रक्रिया को लेकर कई मांगें उठाईं. तृणमूल प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बीडीओ कार्यालय में एक ज्ञापन भी सौंपा. इसके बाद कार्यकर्ता वहीं प्रदर्शन में शामिल हो गए.

तृणमूल नेताओं ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया भाजपा के इशारे पर की जा रही है. इसी के विरोध में बीडीओ कार्यालय के बाहर लगातार नारे लगाए गए. प्रदर्शन का नेतृत्व तृणमूल के राज्य सचिव और आरामबाग व गोघाट के पार्टी को-ऑर्डिनेटर स्वपन नंदी कर रहे थे.

स्वपन नंदी ने सवाल उठाया कि सुनवाई के दौरान बीएलए को मौजूद रहने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है. उन्होंने मांग की कि बुजुर्गों और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए घर-घर जाकर सुनवाई की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो.

उल्लेखनीय है कि sunday को तृणमूल कांग्रेस के अखिल Indian महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बीएलए के साथ एक वर्चुअल बैठक में उन्हें सुनवाई के दौरान मौजूद रहने का निर्देश दिया था. बीएलए के काम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा था, “यह लड़ाई का समय है, एक इंच जमीन भी नहीं छोड़नी है. हियरिंग में भी मौजूद रहना होगा.”

हालांकि, चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार बीएलए को सुनवाई में उपस्थित रहने की अनुमति नहीं होती और वहां माइक्रो ऑब्जर्वर की मौजूदगी का प्रावधान है. इसके बावजूद, सुनवाई प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए तृणमूल नेतृत्व बीएलए की मौजूदगी सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है. इसी के चलते पार्टी ने अब सड़क पर उतरकर आंदोलन तेज कर दिया है.

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(Udaipur Kiran) / धनंजय पाण्डेय

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