



– Chief Minister निवास पर हुआ सशक्त और समर्थ नारी संवाद कार्यक्रम
भोपाल, 30 दिसम्बर (Udaipur Kiran) . Chief Minister डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में Madhya Pradesh सरकार प्रदेश की सभी माताओं-बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है. केंद्र सरकार ने देश की संसद में आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है. प्रदेश के नगरीय निकायों और शासकीय सेवाओं में भी 35 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बहनें आज Indian सेनाओं में भी शीर्ष पद प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रही हैं. प्रदेश की बहनें आर्थिक-सामाजिक रूप से संपन्न और आत्मविश्वास से भरी हों, इस उद्देश्य से हमारी सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है. प्रदेश में महिलाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए सब्सिडी दी जाती है. साथ ही अधिक से अधिक बहनें संपत्ति की मालिक बनें, इसके लिए रजिस्ट्री में अतिरिक्त 2 प्रतिशत छूट का लाभ प्रदान किया जा रहा है.
Chief Minister डॉ. यादव मंगलवार को ‘सशक्त नारी-समर्थ नारी’ संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत Chief Minister निवास पधारी प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं तथा ड्रोन दीदीयों से आत्मीय चर्चा कर रहे थे. उन्होंने बहनों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाया. बालिका सरगम कुशवाह ने मधुर देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया. Chief Minister ने बेटी सरगम को 51 हजार रुपये की राशि सम्मान और प्रोत्साहन स्वरूप देने की घोषणा की. Chief Minister ने कहा कि बहन-बेटियों से इस प्रकार संवाद का क्रम आगामी माहों में भी जारी रहेगा. आज महिलाएँ नहीं बहने मेरे घर आयी है. Chief Minister की आत्मीयता ने बहनों को भाव विभोर कर दिया.
Chief Minister ने अपनी सफलता के लिये बड़ी बहन कलावती यादव को श्रेय देते हुए कहा कि बड़ी बहन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित करने के साथ आवश्यक सहयोग व प्रोत्साहन प्रदान किया. मां और बहन के संस्कार, प्रेम और उनके द्वारा दी गई हिम्मत ही उनके आगे बढ़ने का आधार बनी. उन्होंने कहा कि हमारे परिवार में बहू भी बेटी समान है, और दोनों ही दुलार, स्नेह और सम्मान की बराबर की हकदार हैं. सनातन संस्कृति मातृ सत्ता पर आधारित संस्कृति है. मां ही हम सभी के जीवन मे पहली गुरु होती है. विश्व में भारत ही ऐसा राष्ट्र है, जहां देश को माता के भाव से जोड़ा जाता है. जैसे मां के आंचल में सुख और सुरक्षा का भाव आता है, वैसे ही देश की सत्ता से भी आम आदमी को सुख और सुरक्षा का एहसास हो, यही हमारा उद्देश्य है.
Chief Minister ने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ विरासत को संरक्षण प्रदान करते हुए गतिविधियां संचालित की जा रही है. राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है. प्रदेश में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी मोड) पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने के लिए लीज पर 25 एकड़ भूमि तक उपलब्ध कराई जा रही है. Madhya Pradesh देश में यह नवाचार करने वाला पहला राज्य है. प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है.. राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों की एमबीबीएस की 70 से 80 लाख रुपये तक फीस भर रही है. प्रदेश में देहदान और अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा शुरू की गई है. इसका सकारात्मक प्रभाव हुआ है. हमारी सरकार ने ऐलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाया है.
उन्होंने प्रदेश में महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि Madhya Pradesh वह राज्य है, जो औद्योगिक विकास में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है. प्रदेश स्टार्ट-अप्स शुरू करने में अग्रणी हैं. राज्य सरकार ने बीते 2 वर्षों से लगातार स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित कर रही है. इनमें अधिकांश का नेतृत्व प्रदेश की महिला उद्यमी कर रही हैं. राज्य सरकार सूक्ष्म उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग से लेकर हैवी इंडस्ट्री तक महिलाओं को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है. प्रदेश में लागू की गईं 18 नई नीतियों में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है. Gujarat मॉडल पर औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भोपाल में पहली बार जीआईएस का आयोजित की गई. उससे पहले संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की गईं. इन सभी प्रयासों से राज्य को मिले बंपर निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का लाभ महिलाओं को भी मिल रहा है.
Chief Minister डॉ. यादव ने कहा कि विगत 2 वर्षों में राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कार्य किए हैं. इसका प्रभाव सभी क्षेत्रों में दिख रहा है. लाड़ली बहना योजना से घरों के वातावरण में बदलाव आया है. महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर और Superintendent of Police (एसपी) का दायित्व महिलाएं निभा रही हैं. जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में महिलाएं पूर्ण दायित्व के साथ चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं का निर्वहन कर रही हैं. शिक्षण संस्थाओं में भी बालिकाएं ही मेरिट लिस्ट में अग्रणी दिखाई देती है. Chief Minister ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की प्रगति में हर कदम पर उनके साथ है. राज्य में सप्ताह में 5 दिन कार्यालय लगने से नौकरीपेशा महिलाओं को सुविधाएं हुई हैं.
(Udaipur Kiran) तोमर