
– डीजीपी ने 10 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया
भोपाल, 30 दिसम्बर (Udaipur Kiran) . मध्य प्रदेश पुलिस केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में नागरिकों के जीवन की रक्षा करने में अपनी भूमिका निभाती है. उज्जैन जिले की नागदा थाना पुलिस ने तत्परता, सूझबूझ और मानवीय संवेदना का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो पुलिस सेवा की सच्ची भावना को प्रतिबिंबित करता है. नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने फांसी के फंदे पर झूल रहे एक युवक को न केवल समय रहते नीचे उतारा, बल्कि सीपीआर (CPR) जैसी जीवनरक्षक तकनीक का प्रयोग कर उसका जीवन बचाया.
पुलिस मुख्यालय द्वारा मंगलवार को जानकारी दी गई कि यह घटना उस समय की है जब थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी Monday की रात क्षेत्र में नियमित गश्त पर थे. इसी दौरान पीड़ित के पिता रास्ते पर दौड़ते हुए आए और थाना प्रभारी गवरी को बताया कि मेरे बेटे ने फांसी लगा ली है. सूचना की गंभीरता को तत्काल समझते हुए थाना प्रभारी एक क्षण भी विलंब किए बिना पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे.
मौके पर पहुंचते ही पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़ा और युवक को फंदे से नीचे उतारा. परिजन युवक को मृत समझकर शोकाकुल हो गए, किंतु थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने अपने प्रशिक्षण में अर्जित सीपीआर तकनीक का उपयोग करते हुए तुरंत जीवनरक्षक प्रयास शुरू किए. कुछ ही मिनटों की सतर्कता और निरंतर प्रयासों से युवक की धड़कनें सामान्य हुईं. इसके बाद उसे तत्काल प्राथमिक उपचार हेतु रतलाम हॉस्पिटल भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है. पीड़ित परिवारजनों ने थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी एवं नागदा पुलिस के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
इस त्वरित, साहसिक एवं मानवीय कार्यवाही की जानकारी पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी की सराहना करते हुए उन्हें 10 हजार रुपये का नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया. पुलिस महानिदेशक ने इस कार्य को सम्पूर्ण मध्यप्रदेश पुलिस बल के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण पुलिस और समाज के बीच विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करते हैं.
(Udaipur Kiran) तोमर