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Saturday, 17 October 2026
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BMC Election 2026: ‘स्पीडब्रेकर’ गठबंधन की वापसी से मुंबई के विकास पर खतरा

Mumbai | 08 जनवरी 2026. Mumbai न केवल Maharashtra बल्कि पूरे India की आर्थिक राजधानी (Financial Capital of INDIA) माना जाता है. यह शहर करोड़ों लोगों के सपनों और अवसरों का केंद्र है, जिसे ‘दौड़ती Mumbai’ के नाम से जाना जाता है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों के राजनीतिक अनुभव यह स्पष्ट करते हैं कि जब Devendra Fadnavis के नेतृत्व में BJP-Mahayuti सत्ता में थी, तब Mumbai ने तेज़ी से विकास की रफ्तार पकड़ी, जबकि Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाली Maha Vikas Aghadi (MVA) के दौरान यह विकास कई बार ‘स्पीडब्रेकर’ से टकराता नजर आया.

फडणवीस शासनकाल: Mumbai इन्फ्रास्ट्रक्चर का स्वर्ण युग

2014 से 2019 के बीच देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में Mumbai ने आधुनिकता की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए. दशकों से लंबित Mumbai Metro Network, Coastal Road और Trans Harbour Link (Atal Setu) जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स को ‘रॉकेट स्पीड’ से धरातल पर लाया गया. यह अवधि Mumbai के Infrastructure Development के लिए स्वर्ण युग मानी गई.

ठाकरे Government का ठहराव: टालमटोल और अहंकार

2019 में भाजपा से अलग होकर कांग्रेस और अविभाजित एनसीपी के साथ सत्ता में आई उद्धव ठाकरे सरकार पर आरोप है कि उसने राजनीतिक प्रतिशोध के तहत विकास परियोजनाओं को रोक दिया. Metro-3 Aarey Car Shed को रोकने के फैसले से न केवल परियोजना की लागत लगभग ₹10,000 करोड़ बढ़ी, बल्कि Mumbai वासियों को चार साल अतिरिक्त इंतजार करना पड़ा.

जल संरक्षण क्षेत्रों से लेकर मेट्रो प्रोजेक्ट्स तक, हर बड़े लोक-कल्याणकारी काम पर रोक लगाना MVA सरकार की पहचान बन गया. जब आम Mumbai वासी गड्ढों और ट्रैफिक जाम में फंसे रहे, तब ‘मातोश्री’ से केवल परियोजनाओं में बाधा डालने के निर्देश आते रहे.

आम आदमी का दर्द और सत्ता की विलासिता

लॉकडाउन जैसे कठिन दौर में, जब आम नागरिक संघर्ष कर रहा था, तब Uddhav Balasaheb Thackeray Group और उसके सहयोगियों पर भ्रष्टाचार और विलासिता के आरोप सामने आए. ‘Khichdi Scam’ से लेकर ‘Body Bag Scam’ तक कई विवादों ने यह सवाल खड़ा किया कि क्या आम जनता की परेशानियाँ कभी उनकी प्राथमिकता रही.

महायुति की वापसी: फिर दौड़ी विकास एक्सप्रेस

2022 में Eknath Shinde–Devendra Fadnavis की महायुति सरकार के आने के बाद Mumbai ने राहत की साँस ली. लंबित प्रोजेक्ट्स की अड़चनें दूर की गईं और विकास फिर तेज़ी से बढ़ा.

Atal Setu (Mumbai Trans Harbour Link), देश का सबसे लंबा समुद्री पुल, रिकॉर्ड समय में पूरा होकर जनता को समर्पित किया गया. साथ ही Coastal Road Project से दक्षिण Mumbai से वरळी का सफर अब मिनटों में संभव हो पाया है.

मेट्रो और बुलेट ट्रेन: भविष्य की नींव

जिस Bullet Train Project को पहले ‘Unwanted Project’ कहकर विरोध किया गया था, आज उस पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है. साथ ही Mumbai में नए Metro Routes लगातार जुड़ रहे हैं, जो शहर की जीवनरेखा बनते जा रहे हैं.

BMC Election 2026: फैसला Mumbai करों के हाथ

2024 के विधानसभा चुनाव में महायुति की वापसी के बाद यह विश्वास मजबूत हुआ है कि Maharashtra की प्रगति रुकेगी नहीं. लेकिन अगर BMC Election 2026 में विकास को रोकने वाला ‘स्पीडब्रेकर गठबंधन’ पुनः सत्ता में आता है, तो Mumbai की विकास रफ्तार एक बार फिर थम सकती है.

अब Mumbai करों को तय करना होगा कि वे Fast-Track Development चाहते हैं या ऐसी राजनीति जो अहम परियोजनाओं पर ब्रेक लगाए. शहर की प्रगति और आम नागरिकों की सुविधा के लिए ‘स्पीडब्रेकर’ प्रवृत्तियों पर स्थायी रोक बेहद आवश्यक मानी जा रही है.

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