मेवाड़ विश्वविद्यालय के खिलाफ छात्रों ने दर्ज कराई FIR

चित्तौड़गढ़, फरवरी 18: – छात्रों ने मेवाड़ विश्वविद्यालय के सात अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि संस्थान ने अपने B.Sc. Nursing और GNM पाठ्यक्रमों की मान्यता के बारे में झूठे दावे किए और उनसे बड़ी रकम वसूली.

गंगरार पुलिस थाने में अध्यक्ष अशोक कुमार गड़िया, उपकुलपति आलोक मिश्रा, रजिस्ट्रार सी.डी. कुमावत, विभागाध्यक्ष महावीर वैरागी, प्रोफेसर महावीर स्वर्णकार, HOD शोएब खान और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई.

झूठी मान्यता के दावों का आरोप

छात्रों का आरोप है कि उन्हें B.Sc. Nursing और GNM पाठ्यक्रमों में दाखिला दिया गया, जबकि उन्हें Rajasthan नर्सिंग काउंसिल और Indian नर्सिंग काउंसिल से मान्यता मिलने का विज्ञापन दिखाया गया था. उनका कहना है कि इन पाठ्यक्रमों को किसी भी काउंसिल से स्वीकृति नहीं मिली थी.

भीलवाड़ा की पायल पाटिल ने बताया कि उन्होंने 2022 में एक समाचार पत्र के विज्ञापन को देखकर दाखिला लिया था, जिसमें पूर्ण मान्यता का दावा किया गया था. उन्होंने 13 फरवरी 2022 को प्रवेश शुल्क के रूप में 1 लाख रुपये और 50,000 रुपये दान के रूप में जमा किए. कई अन्य छात्रों ने भी फीस जमा की और तीन साल तक पढ़ाई की, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि पाठ्यक्रम की कोई मान्यता नहीं थी.

छात्रों ने बताया कि उन्होंने बाद में उपChief Minister कार्यालय, Chief Minister कार्यालय, सचिवालय और Rajasthan नर्सिंग काउंसिल कार्यालय का दौरा किया, जहां उन्हें बताया गया कि B.Sc. Nursing पाठ्यक्रम की कोई मान्यता नहीं है और विश्वविद्यालय द्वारा कोई संबंधित फाइल प्रस्तुत नहीं की गई थी.

जम्मू और कश्मीर के 44 छात्रों ने भी विशेष छात्रवृत्ति योजना के तहत दाखिला लिया था. इनमें से 39 छात्रों को पाठ्यक्रम की मान्यता पर सवाल उठाने के बाद निलंबित कर दिया गया. उनका आरोप है कि उन्हें RNC और INC से पूर्ण स्वीकृति के दस्तावेज दिखाए गए थे. जब उन्होंने 19 अक्टूबर 2024 को प्रशासन से सवाल किए, तो उन्हें अनुशासनहीनता के आधार पर निलंबित कर दिया गया. हालांकि, छात्रों का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में आश्वासन दिया गया था, लेकिन कोई कदम नहीं उठाए गए.

छात्रों ने आगे आरोप लगाया कि GNM पाठ्यक्रम भी बिना स्वीकृति के चलाया जा रहा था. लगभग 26 छात्रों ने इस कार्यक्रम में दाखिला लिया था, जिसमें शीतल शर्मा भी शामिल थीं.

मान्यता को लेकर विरोध प्रदर्शन कई दिनों से जारी है. मंगलवार को कुछ छात्रों ने मेस बंद कर दिया, जिससे दो समूहों के बीच झड़पें हुईं. तोड़फोड़ की घटनाएं भी रिपोर्ट की गईं. विश्वविद्यालय ने बाद में छुट्टियां घोषित कीं और छात्रों को घर लौटने के लिए कहा.

अतिरिक्त SP सरिता सिंह ने कहा कि स्थिति वर्तमान में नियंत्रण में है. छात्रों द्वारा प्रस्तुत शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और जांच शुरू हो गई है.

रावतभाटा के ADM विनोद कुमार मल्होत्रा ने कहा कि 2022-23 और 2023-24 में दाखिलों से संबंधित कुछ तकनीकी मुद्दे RNC के माध्यम से सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन विस्तृत जानकारी साझा करेगा.

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