युवाओं की भूमिका पर ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम आयोजित

उदयपुर, अगस्त 25: पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (PIMS), उमरड़ा में साई तिरुपति यूनिवर्सिटी के तहत “युवा शक्ति – राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषय पर एक ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व और नागरिकों के रूप में सकारात्मक भागीदारी के प्रति जागरूक करना था.

कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाने और भारत माता के चरणों में पुष्प अर्पित करने से हुई, इसके बाद वन्दे मातरम् का गायन किया गया. अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया, जिसमें उन्हें पगड़ी पहनाई गई. डॉ. दिलीप पारिख ने स्वागत भाषण दिया.

कार्यक्रम में साई तिरुपति यूनिवर्सिटी के उपकुलपति डॉ. प्रशांत नाहर, PIMS के प्राचार्य और नियंत्रक डॉ. सुरेश चंद्र गोयल और चिकित्सा निदेशक डॉ. कमलेश शेखावत उपस्थित थे.

डॉ. प्रशांत नाहर ने युवा डॉक्टरों और छात्रों को राष्ट्र निर्माण और समाज के कल्याण में योगदान देने की अपील की. उन्होंने राष्ट्रीय चिकित्सा संगठन के प्रयासों की सराहना की, जो युवा डॉक्टरों को राष्ट्रीय हित और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का कार्य कर रहा है.

‘युवा संवाद’ सत्र के दौरान गैस्ट्रो सर्जन डॉ. के.के. बिश्नोई, डॉ. योगेश सिंघल, डॉ. वैभव चित्तोरा और डॉ. जयदीप ठाकोर ने अपने विचार साझा किए. उन्होंने युवाओं की जिम्मेदारियों, समाज के प्रति उनके कर्तव्यों और देश के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी के महत्व पर चर्चा की.

‘पंच परिवर्तन’ पर ध्यान केंद्रित

मुख्य वक्ता डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (चित्तौड़गढ़ प्रांत) के सह प्रांत प्रचारक, ने संघ के ‘पंच परिवर्तन’ — पर्यावरण संरक्षण, नागरिक शिष्टाचार, परिवार जागरूकता, आत्म जागरूकता और सामाजिक समरसता के बारे में बताया.

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आभासी दुनिया से बाहर निकलें और “रील से रियल” जीवन की ओर बढ़ें. उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, अनुशासन और सकारात्मक सोच देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है.

छात्रों को कार्यक्रम के दौरान अपने विचार साझा करने और प्रश्न पूछने का अवसर भी मिला. प्रश्नोत्तर सत्र में उन्होंने विषय के विभिन्न पहलुओं पर वक्ताओं के साथ चर्चा की.

फैकल्टी के डॉ. अजय चौधरी ने भी अपने विचार और अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि युवाओं की भूमिका केवल भविष्य के नेताओं के रूप में नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें आज जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए.

छात्रों को सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक भागीदारी, जागरूकता और सकारात्मक नेतृत्व के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया.

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ. डॉ. अजय चौधरी ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा, जबकि डॉ. यामिनी सभरवाल और डॉ. सोनाली कुकरेजा ने कार्यक्रम का संचालन किया.

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